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अमेठी विकास विवाद: दानिश आजाद ने स्मृति ईरानी का समर्थन किया, राहुल गांधी पर लगाए विफलता के आरोप

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अमेठी विकास विवाद: दानिश आजाद ने स्मृति ईरानी का समर्थन किया, राहुल गांधी पर लगाए विफलता के आरोप

सारांश

BJP नेता स्मृति ईरानी के बयान पर UP मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने मुहर लगाई — राहुल गांधी पर अमेठी और रायबरेली के औद्योगिक पतन का आरोप लगाया। सपा ने ईरानी की हार याद दिलाकर पलटवार किया। अमेठी एक बार फिर UP की राजनीतिक लड़ाई का केंद्र बन गया।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गुरुवार को लखनऊ में स्मृति ईरानी के बयान को 100 प्रतिशत सही ठहराया।
अंसारी ने दावा किया कि राहुल गांधी के प्रतिनिधित्व काल में अमेठी और रायबरेली में कई उद्योग बंद हो गए।
स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा था कि राहुल गांधी अमेठी में अपने दम पर चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं।
2019 में ईरानी ने राहुल गांधी को अमेठी से हराया था; 2024 में उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने पराजित किया।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने ईरानी की 2024 की हार का हवाला देते हुए BJP पर पलटवार किया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गुरुवार, 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता स्मृति ईरानी के उस बयान का पूरा समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने दम पर अमेठी में चुनाव लड़ने में सक्षम नहीं हैं। अंसारी ने आगे जाते हुए राहुल गांधी के प्रतिनिधित्व काल में अमेठी और रायबरेली में औद्योगिक विफलता का हवाला दिया।

मंत्री का बयान: '100 प्रतिशत सही हैं स्मृति ईरानी'

लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, 'स्मृति ईरानी 100 प्रतिशत सही हैं। अमेठी की जनता को कांग्रेस पार्टी ने गुमराह किया है। चाहे रायबरेली हो या अमेठी, परिवारवादी कांग्रेस पार्टी वहाँ कुछ भी करने में नाकाम रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी जिन क्षेत्रों को अपना घर कहते हैं, वहाँ उन्होंने विकास के बजाय बर्बादी ही की। अंसारी ने आँकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि जब राहुल गांधी इन सीटों का प्रतिनिधित्व करते थे, तब रायबरेली और अमेठी में लगे उद्योगों में से बड़ी संख्या बंद हो गए।

मूल विवाद: स्मृति ईरानी का बयान

बुधवार, 15 अक्टूबर 2026 को स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यह टिप्पणी की थी कि वे अमेठी में अपने बलबूते पर चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं। यह बयान 2024 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में आया, जिसमें स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने इसी सीट से राहुल गांधी को पराजित किया था, जो उस चुनाव का सबसे चर्चित परिणाम रहा था।

समाजवादी पार्टी का पलटवार

इस राजनीतिक बयानबाज़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी दखल दिया। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने स्मृति ईरानी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी को निशाना बनाकर अपना कद बढ़ाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें कांग्रेस के एक साधारण कार्यकर्ता ने हरा दिया। वर्मा ने कहा, 'जब वे इस सदमे से उबर जाएंगी, तभी असली मुद्दों पर बात कर पाएंगी।' इस तरह सपा ने BJP और कांग्रेस दोनों से अलग रुख अपनाते हुए ईरानी की साख पर सवाल उठाए।

अमेठी का राजनीतिक इतिहास

अमेठी दशकों से गांधी परिवार का गढ़ माना जाता रहा है। 2019 में स्मृति ईरानी की जीत को उस परंपरा को तोड़ने की दृष्टि से ऐतिहासिक माना गया था, लेकिन 2024 में कांग्रेस ने यह सीट पुनः अपने नाम कर ली। तब से अमेठी के विकास और जनप्रतिनिधित्व को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच बयानों का सिलसिला जारी है। यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावी ध्रुवीकरण का संकेत देता है।

आगे क्या होगा

उत्तर प्रदेश में BJP, कांग्रेस और सपा के बीच तीखी बयानबाज़ी जारी रहने के संकेत हैं। अमेठी और रायबरेली में विकास के आँकड़ों को लेकर राजनीतिक दावे-प्रतिदावे आने वाले हफ्तों में और तेज़ हो सकते हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 2024 की हार के बावजूद पार्टी गांधी परिवार की विरासत को लगातार चुनौती देती रहती है। दिलचस्प यह है कि जो नेता खुद अमेठी हार चुकी हैं, उनके बयान पर UP सरकार का मंत्री मुहर लगा रहा है — इससे संकेत मिलता है कि BJP इस सीट को 2029 की नज़र से देख रही है। सपा का पलटवार BJP की कमज़ोरी पकड़ता है, लेकिन वह कांग्रेस का बचाव नहीं करता। असली सवाल — अमेठी में ज़मीनी विकास वास्तव में कितना हुआ — इस पूरी बहस में दब गया है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दानिश आजाद अंसारी ने स्मृति ईरानी के किस बयान का समर्थन किया?
UP मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने स्मृति ईरानी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी अमेठी में अपने दम पर चुनाव लड़ने में सक्षम नहीं हैं। अंसारी ने इसे '100 प्रतिशत सही' बताते हुए अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस की औद्योगिक विफलता का भी हवाला दिया।
अमेठी सीट पर 2019 और 2024 के चुनाव में क्या हुआ था?
2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने अमेठी से राहुल गांधी को हराया था, जो उस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर माना गया। 2024 में स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने पराजित किया और सीट कांग्रेस ने वापस जीत ली।
समाजवादी पार्टी ने इस विवाद में क्या रुख अपनाया?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने स्मृति ईरानी की 2024 की हार का हवाला देते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ईरानी कांग्रेस के एक साधारण कार्यकर्ता से हार चुकी हैं और जब वे इस झटके से उबर जाएंगी तभी असली मुद्दों पर बात कर पाएंगी।
अमेठी में विकास को लेकर BJP का दावा क्या है?
BJP मंत्री दानिश आजाद अंसारी के अनुसार, राहुल गांधी के प्रतिनिधित्व काल में रायबरेली और अमेठी में जो उद्योग लगे उनमें से कई बंद हो गए। उनका दावा है कि गांधी परिवार ने इन क्षेत्रों के लिए ठोस कुछ नहीं किया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इस बयानबाज़ी का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
यह विवाद उत्तर प्रदेश में BJP, कांग्रेस और सपा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। अमेठी को लेकर तीखे बयान आगामी चुनावी मौसम में ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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