स्मृति ईरानी का अखिलेश यादव को जवाब: 'सीरियल छोड़कर संसद पर ध्यान दें'
सारांश
Key Takeaways
- स्मृति ईरानी का अखिलेश यादव पर तीखा जवाब
- महिलाओं के अधिकारों की चर्चा में राजनीतिक बयान
- महिला आरक्षण बिल पर आलोचना
- भाजपा पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व का आरोप
- संसद में महिलाओं की भागीदारी पर जोर
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव के एक बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की प्रमुख नेता स्मृति ईरानी ने तीखा जवाब दिया है। अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि वो सास-बहू वाली तो हार गई। इस पर स्मृति ईरानी ने सलाह दी कि उन्हें सीरियल से हटकर संसद पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
स्मृति ईरानी ने कहा कि सुना है अखिलेश यादव ने मुझे संसद में याद किया। ऐसे लोग जो राजनीति में विरासत से आए हैं, वे उन महिलाओं को भी याद करते हैं जो अपने मेहनत से सफल होती हैं। उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाएं पर टिप्पणी करने वाले उन पर नहीं कर सकते जिन्होंने कभी नौकरी नहीं की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्मृति ने लिखा, "अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे जिनकी मेहनत से सफलता मिली, उन्हें याद करते हैं। सीरियल से हटकर संसद पर ध्यान दें और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण बिल पास कराएं।"
इससे पहले, लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये लोग महिलाओं को उनके हक नहीं देना चाहते हैं।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे 'नारी' को केवल एक नारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पार्टी जो अपने संगठन में महिलाओं को उचित स्थान नहीं देती, वह उनके सम्मान और अधिकारों की बात कैसे कर सकती है।
अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि जिन 21 राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा अपने ही ढांचे में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने में असफल रही है।