दावणगेरे में येदियुरप्पा ने मतदाताओं से कांग्रेस को हराने की अपील की
सारांश
Key Takeaways
- येदियुरप्पा ने सिद्धारमैया सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की।
- बोम्मई ने टैक्स बढ़ोतरी की आलोचना की।
- दावणगेरे के लोग आगामी चुनाव में बदलाव चाहते हैं।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरण की आवश्यकता है।
दावणगेरे, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार करने का कार्य आरंभ किया।
पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए, उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला किया।
येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पर 'धोखा और विश्वासघात' का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार 'दिनदहाड़े लूट' में संलग्न है।
उन्होंने यह भी बताया कि बागलकोट और दावणगेरे के लोग मिलकर आगामी चुनाव में सिद्धारमैया को सत्ता से हटाने के लिए तत्पर हैं।
चुनाव में धन के उपयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च करने वालों को सबक सिखाना आवश्यक है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बीजेपी उम्मीदवार श्रीनिवास दासकारियप्पा का पूर्ण समर्थन करें और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करें।
भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए, उन्होंने कहा कि फंड को तेलंगाना की ओर मोड़ दिया गया है, जबकि बागलकोट और दावणगेरे में वोटरों को प्रभावित करने के लिए बड़ी रकम बांटी जा रही है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर बीजेपी के कार्यकाल में शुरू की गई गरीबों के हित की कई योजनाओं को बंद करने का भी आरोप लगाया।
अपनी उम्र और समर्पण का जिक्र करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि 85 साल की उम्र में भी वे प्रचार के लिए आए हैं, लेकिन हर जगह नहीं जा सकते।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान की जिम्मेदारी उठाने और अगले दिन से स्वयं को उम्मीदवार के रूप में समझकर काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा, 'अगर आप ऐसा करेंगे, तो मैं आपको अपनी अंतिम सांस तक याद रखूंगा।'
येदियुरप्पा ने कहा कि लोग कांग्रेस सरकार के कुशासन से परेशान हैं और मतदाताओं से अपील की कि उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को जिताकर जवाब दें।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद बसवराज बोम्मई ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में 'टैक्स आतंक' शुरू हो गया है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार के पहले बजट में शराब, दूध और बिजली की कीमतों में भारी वृद्धि की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि स्टांप ड्यूटी, जमीन की कीमतों और मोटर वाहन कर सहित लगभग सभी क्षेत्रों में टैक्स में बढ़ोतरी की गई है।
बोम्मई ने आरोप लगाया, 'पिछले तीन सालों में इस सरकार ने लोगों पर 60,000 करोड़ रुपए के नए टैक्स लगाए हैं।'
बोम्मई ने यह भी दावा किया कि सरकार ने लगभग 5 लाख करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया है, जिससे सिद्धारमैया को 'रिकॉर्ड उधार लेने वाला' कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'हमने इतना भ्रष्टाचार कभी नहीं देखा।'
उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु में बिना रिश्वत के रजिस्ट्रेशन संभव नहीं है और सरकारी चावल वितरण में भी भ्रष्टाचार है।
उन्होंने अस्पतालों के लिए दवाइयों की खरीद, तहसीलदार कार्यालयों और मंत्रियों के कार्यालयों में भी भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की शुरुआत स्वयं मुख्यमंत्री कार्यालय से हो रही है और आरोप लगाया कि तबादले एक बड़ा उद्योग बन गए हैं, जिससे प्रशासन पूरी तरह से चरमरा गया है।
बोम्मई ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के माध्यम से लोगों पर बोझ डाल रही है और उन्हें विश्वास है कि जनता बीजेपी को आशीर्वाद देगी।