ईरानी सांसद महमूद नबावियन की चेतावनी: होर्मुज पर हमला हुआ तो काट देंगे समुद्री इंटरनेट केबल
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने गुरुवार, 21 मई को एक्स पर पोस्ट करते हुए चेतावनी दी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की संप्रभुता के विरुद्ध कोई शत्रुतापूर्ण कदम उठाया गया, तो ईरान समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट केबल्स को काट सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी संघर्षविराम की स्थिति बनी हुई है और वैश्विक डिजिटल अवसंरचना को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
नबावियन ने क्या कहा
नबावियन ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'ईरान समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को काट सकता है, जिससे वैश्विक इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली कई वर्षों तक प्रभावित हो सकती है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'ईरान की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।' नबावियन के अनुसार, यदि अमेरिका और इज़राइल होर्मुज में कोई प्रतिकूल कार्रवाई करते हैं, तो उसके परिणामस्वरूप वैश्विक संकट अवश्यंभावी होगा।
आईआरजीसी की पूर्व चेतावनी और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईरान की ओर से ऐसी चेतावनी आई हो। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अप्रैल में भी अमेरिका और पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव और प्रतिबंधों के जवाब में एक बयान जारी किया था। उस बयान में स्पष्ट कहा गया था कि यदि दबाव बढ़ाया गया या नौसैनिक नाकेबंदी जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, तो ईरान रणनीतिक जवाब देने में सक्षम है। नबावियन का ताज़ा बयान उसी चेतावनी की पुनरावृत्ति के रूप में देखा जा रहा है।
कौन-सी केबल्स हैं खतरे में
फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण सबमरीन केबल्स — जिनमें फैल्कन और एएई-1 प्रमुख हैं — खाड़ी देशों की इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश इन केबल्स पर काफी हद तक निर्भर हैं। इन्हें नुकसान पहुँचने की स्थिति में मध्य-पूर्व के बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल नेटवर्क और बैंकिंग तंत्र बाधित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों की राय
हालाँकि तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इन केबल्स का वैश्विक प्रभाव सीमित रहेगा और दुनिया भर के इंटरनेट ट्रैफिक पर असर अपेक्षाकृत कम होगा। विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि समुद्र की गहराई में मौजूद इन केबल्स को काटना तकनीकी रूप से बेहद कठिन है। साथ ही, ऐसा कदम ईरान के लिए स्वयं भी गंभीर आर्थिक और रणनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है।
आगे क्या
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव के बीच यह बयानबाज़ी वैश्विक डिजिटल अवसंरचना की कमज़ोरियों पर नए सिरे से बहस छेड़ती है। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज की भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए खाड़ी देश और पश्चिमी सरकारें वैकल्पिक केबल मार्गों पर विचार तेज़ कर सकती हैं।