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होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद हो सकता है: आईईए प्रमुख फतिह बिरोल की चेतावनी, देश बदल रहे ऊर्जा नीतियाँ

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होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद हो सकता है: आईईए प्रमुख फतिह बिरोल की चेतावनी, देश बदल रहे ऊर्जा नीतियाँ

सारांश

होर्मुज एक बार बंद हो चुका है — और आईईए प्रमुख फतिह बिरोल का कहना है कि यह फिर हो सकता है। इस्तांबुल में दिए बयान में उन्होंने अमेरिका-ईरान अंतरिम समझौते का स्वागत किया, लेकिन साफ़ कहा कि दुनिया के देशों को अपनी ऊर्जा रणनीतियाँ अब नए सिरे से सोचनी होंगी।

मुख्य बातें

आईईए प्रमुख फतिह बिरोल ने 18 जून को इस्तांबुल में चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भविष्य में फिर बंद हो सकता है।
बिरोल ने अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते का स्वागत किया और होर्मुज को 'बिना शर्त' खोलने की माँग की।
आईईए के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू ईरान युद्ध के बाद प्रतिदिन करीब 1.4 करोड़ बैरल तेल आपूर्ति बाधित हुई।
कई देश अपनी ऊर्जा नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं; आईईए नई ऊर्जा सुरक्षा रणनीतियों पर सरकारों से चर्चा करेगा।
शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाज़ार में सतर्कता बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फतिह बिरोल ने 18 जून को इस्तांबुल में एक कार्यक्रम के दौरान चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भविष्य में फिर से बंद किया जा सकता है, क्योंकि ईरान ने हालिया संघर्ष के दौरान इसे एक बार बंद कर दिया था। उन्होंने अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इस संकट ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के बारे में देशों की सोच को पूरी तरह बदल दिया है।

बिरोल का बयान और होर्मुज पर चिंता

फतिह बिरोल ने तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित कार्यक्रम में कहा, "ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते का स्वागत किया जाना चाहिए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी शर्त के दोबारा खोला जाना चाहिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मार्ग को 'बिना शर्त' खोला जाना चाहिए, ताकि सभी पक्षों को यह भरोसा हो कि यह सुरक्षित है।

बिरोल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "अब सभी देश जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार बंद हो चुका है और इसे फिर से बंद किया जा सकता है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट का असर

आईईए के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद हर दिन करीब 1.4 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति रुक गई या बाधित हो गई। संघर्ष और तनाव के कारण समुद्री मार्ग बाधित हुए और उत्पादन भी घटा, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर व्यापक असर पड़ा। गौरतलब है कि यह दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा था, जो कुछ समय के लिए पूरी तरह रुक गया।

देशों की ऊर्जा नीतियों में बदलाव

बिरोल ने बताया कि इस संकट के मद्देनज़र कई देश अपनी ऊर्जा नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईईए विभिन्न सरकारों के साथ नई ऊर्जा सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा करेगा, क्योंकि इस संकट ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल दिया है। ईरान के व्यवहार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है उसने जो अब किया, वह भविष्य में भी करे — इसलिए विभिन्न देशों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

ऊर्जा बाज़ार में 'भरोसे' की ज़रूरत

बिरोल ने ज़ोर दिया कि ऊर्जा बाजारों में 'भरोसा' बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि इस संकट को पहले की तरह सामान्य स्थिति में नहीं देखा जा सकता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को लेकर देशों की सोच अब पूरी तरह बदल चुकी है। आईईए आने वाले समय में नई रणनीतियों पर कई देशों के साथ मिलकर काम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एक अंतरिम समझौते की नाज़ुक नींव पर इसकी सुरक्षा टिकाए रखना दीर्घकालिक रणनीति नहीं है। भारत जैसे देशों के लिए, जो खाड़ी से भारी मात्रा में तेल आयात करते हैं, यह संकट ऊर्जा विविधीकरण की उस बहस को नई तात्कालिकता देता है जो वर्षों से केवल नीतिगत दस्तावेज़ों में सिमटी रही है। असली सवाल यह है कि क्या देश इस झटके को सुधार की प्रेरणा बनाएंगे, या अगले संकट तक इंतज़ार करेंगे।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईईए प्रमुख फतिह बिरोल ने होर्मुज को लेकर क्या चेतावनी दी?
बिरोल ने 18 जून को इस्तांबुल में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार बंद हो चुका है और इसे भविष्य में फिर बंद किया जा सकता है। उन्होंने इस मार्ग को 'बिना शर्त' खोलने की माँग की और कहा कि ऊर्जा बाज़ारों में भरोसा बहाल करना ज़रूरी है।
ईरान युद्ध से वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर पड़ा?
आईईए के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद प्रतिदिन करीब 1.4 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति रुक गई या बाधित हो गई। समुद्री मार्गों के बाधित होने और उत्पादन घटने से वैश्विक तेल बाज़ार पर व्यापक असर पड़ा।
अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते के बाद तेल बाज़ार का क्या हाल है?
शांति समझौते के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। हालाँकि, बिरोल ने कहा कि बाज़ार में सतर्कता बनी हुई है क्योंकि होर्मुज की सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक अनिश्चितता अभी बनी हुई है।
आईईए देशों की ऊर्जा नीतियों पर क्या कदम उठाएगा?
बिरोल ने बताया कि आईईए विभिन्न सरकारों के साथ नई ऊर्जा सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा करेगा। कई देश पहले से ही अपनी ऊर्जा नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि इस संकट ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य को बुनियादी रूप से बदल दिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में क्या महत्व है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। ईरान युद्ध के दौरान इसके बंद होने से प्रतिदिन 1.4 करोड़ बैरल की आपूर्ति बाधित हुई, जो इसकी रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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