दीपक बैज का आरोप: दिल्ली में 250 ट्रेनें रद्द, मेट्रो बंद — 'देश में इमरजेंसी जैसे हालात'
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 10 अक्टूबर 2026 को रायपुर में प्रेस से बात करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली में ढाई सौ से अधिक ट्रेनें रद्द की गई हैं तथा कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में 'इमरजेंसी जैसे हालात' पैदा कर दिए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बैज के अनुसार, जंतर-मंतर से लेकर दिल्ली के बड़े हिस्से को किले में तब्दील कर दिया गया है। उनके दावे के मुताबिक, एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, रेलवे और मेट्रो स्टेशन बंद हैं, यात्री बसों, एंबुलेंस और निजी वाहनों की जाँच हो रही है तथा दिल्ली से जुड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर भी पाबंदियाँ लगाई गई हैं। होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट भी बंद कराए गए हैं — ऐसा उन्होंने कहा।
गौरतलब है कि ये सभी दावे बैज के बयान पर आधारित हैं; राष्ट्र प्रेस ने इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
आंदोलन और माँगें
बैज ने कहा कि कड़े प्रतिबंधों के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से युवा लगातार दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'वोट चोरी' के खिलाफ चल रहा आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बाद ही समाप्त होगा। उनके अनुसार, आने वाले समय में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है तथा इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर होगी।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश की आवाज़ बताते हुए कहा कि वे लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात
इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' के आरोपों के सिलसिले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हुई मुलाकात पर बैज ने बताया कि गठबंधन के नेता — जिनमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल थे — राष्ट्रपति से मिले और विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैज के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनकी बातें गंभीरता से सुनीं और कार्रवाई का भरोसा दिया — जिसे उन्होंने 'लोकतंत्र की रक्षा के लिए सकारात्मक संदेश' कहा।
राहुल गांधी का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा
बैज ने यह भी बताया कि बस्तर में जल, जंगल, ज़मीन और खनिज संसाधनों की रक्षा तथा बोधघाट परियोजना से प्रभावित लोगों के मुद्दों पर पार्टी की बैठकें हो चुकी हैं। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के साथ भी इस पर विचार-विमर्श किया गया है। कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी शीघ्र छत्तीसगढ़ आएं, बस्तर में प्रभावित आदिवासियों और परिवारों से मिलें — उनके समय देने पर कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष का केंद्र सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और इंडिया गठबंधन के घटक दल समन्वित आंदोलन की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तीखा हो सकता है।