10 अक्टूबर 2026
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दीपक बैज का आरोप: दिल्ली में 250 ट्रेनें रद्द, मेट्रो बंद — 'देश में इमरजेंसी जैसे हालात'

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दीपक बैज का आरोप: दिल्ली में 250 ट्रेनें रद्द, मेट्रो बंद — 'देश में इमरजेंसी जैसे हालात'

सारांश

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दिल्ली में सीजेपी विरोध-प्रदर्शन के दौरान 250 से अधिक ट्रेनें रद्द और मेट्रो बंद होने का दावा करते हुए 'इमरजेंसी जैसे हालात' का आरोप लगाया। उन्होंने मोदी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 10 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि दिल्ली में 250 से अधिक ट्रेनें रद्द और कई मेट्रो स्टेशन बंद हैं।
बैज के अनुसार, एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं और जंतर-मंतर क्षेत्र 'किले में तब्दील' है।
'वोट चोरी' विरोध आंदोलन प्रधानमंत्री मोदी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा — बैज।
इंडिया गठबंधन के नेताओं — खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी — ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की; राष्ट्रपति ने कार्रवाई का भरोसा दिया।
राहुल गांधी का बस्तर दौरा प्रस्तावित, बोधघाट परियोजना से प्रभावित आदिवासियों के मुद्दे एजेंडे में।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 10 अक्टूबर 2026 को रायपुर में प्रेस से बात करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली में ढाई सौ से अधिक ट्रेनें रद्द की गई हैं तथा कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में 'इमरजेंसी जैसे हालात' पैदा कर दिए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बैज के अनुसार, जंतर-मंतर से लेकर दिल्ली के बड़े हिस्से को किले में तब्दील कर दिया गया है। उनके दावे के मुताबिक, एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, रेलवे और मेट्रो स्टेशन बंद हैं, यात्री बसों, एंबुलेंस और निजी वाहनों की जाँच हो रही है तथा दिल्ली से जुड़ने वाली प्रमुख सड़कों पर भी पाबंदियाँ लगाई गई हैं। होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट भी बंद कराए गए हैं — ऐसा उन्होंने कहा।

गौरतलब है कि ये सभी दावे बैज के बयान पर आधारित हैं; राष्ट्र प्रेस ने इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।

आंदोलन और माँगें

बैज ने कहा कि कड़े प्रतिबंधों के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से युवा लगातार दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'वोट चोरी' के खिलाफ चल रहा आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बाद ही समाप्त होगा। उनके अनुसार, आने वाले समय में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है तथा इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर होगी।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश की आवाज़ बताते हुए कहा कि वे लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं।

राष्ट्रपति से मुलाकात

इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' के आरोपों के सिलसिले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हुई मुलाकात पर बैज ने बताया कि गठबंधन के नेता — जिनमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल थे — राष्ट्रपति से मिले और विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैज के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनकी बातें गंभीरता से सुनीं और कार्रवाई का भरोसा दिया — जिसे उन्होंने 'लोकतंत्र की रक्षा के लिए सकारात्मक संदेश' कहा।

राहुल गांधी का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा

बैज ने यह भी बताया कि बस्तर में जल, जंगल, ज़मीन और खनिज संसाधनों की रक्षा तथा बोधघाट परियोजना से प्रभावित लोगों के मुद्दों पर पार्टी की बैठकें हो चुकी हैं। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के साथ भी इस पर विचार-विमर्श किया गया है। कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी शीघ्र छत्तीसगढ़ आएं, बस्तर में प्रभावित आदिवासियों और परिवारों से मिलें — उनके समय देने पर कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष का केंद्र सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और इंडिया गठबंधन के घटक दल समन्वित आंदोलन की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक लाख पुलिसकर्मी — एकपक्षीय दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है; यह विवरण मीडिया में बिना सत्यापन के प्रसारित हो रहा है। असली खबर यह है कि इंडिया गठबंधन एक सुनियोजित 'इमरजेंसी' का बयान-मॉडल तैयार कर रहा है — जो सरकार को 1975 की भाषा में घेरने की रणनीति है। राष्ट्रपति की 'कार्रवाई के भरोसे' वाली बात विपक्ष के लिए प्रतीकात्मक बल देती है, लेकिन संवैधानिक ढाँचे में राष्ट्रपति की भूमिका सीमित है — इस संदर्भ को कवरेज अक्सर चूक जाती है। बस्तर और बोधघाट का उल्लेख संकेत देता है कि कांग्रेस आदिवासी मुद्दों को राष्ट्रीय विपक्षी आख्यान में जोड़ने की कोशिश में है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक बैज ने दिल्ली में इमरजेंसी जैसे हालात क्यों कहा?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली में 250 से अधिक ट्रेनें रद्द, मेट्रो स्टेशन बंद और एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इन पाबंदियों को उन्होंने 'इमरजेंसी जैसे हालात' की संज्ञा दी।
वोट चोरी आंदोलन क्या है और इसकी माँगें क्या हैं?
इंडिया गठबंधन का 'वोट चोरी' आंदोलन चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। बैज के अनुसार, यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति से क्या बात की?
बैज के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित गठबंधन नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दे उठाए। राष्ट्रपति ने उनकी बातें गंभीरता से सुनीं और कार्रवाई का भरोसा दिया — बैज ने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संदेश बताया।
राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा कब होगा?
बैज के मुताबिक, राहुल गांधी का दौरा प्रस्तावित है और उनके समय देने पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दौरे में बस्तर में बोधघाट परियोजना से प्रभावित आदिवासियों और परिवारों से मुलाकात शामिल होगी।
बोधघाट परियोजना का विवाद क्या है?
बोधघाट परियोजना छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक प्रस्तावित बाँध परियोजना है, जिसके बारे में कांग्रेस का आरोप है कि यह आदिवासियों की ज़मीन और जल-जंगल अधिकारों को प्रभावित करती है। बैज ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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