क्या देहरादून एयरपोर्ट पर 232 करोड़ के गबन में सीबीआई की कार्रवाई से सच्चाई सामने आएगी?

सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने 232 करोड़ के गबन की जांच शुरू की।
- आरोपी ने फर्जी संपत्तियां का निर्माण किया।
- जनता के पैसे की हेराफेरी की गई।
देहरादून, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इस वरिष्ठ प्रबंधक पर देहरादून एयरपोर्ट पर लगभग 232 करोड़ रुपए के गबन का आरोप लगाया गया है।
सीबीआई ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से मिली एक शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि आरोपी ने देहरादून एयरपोर्ट पर अपनी तैनाती के दौरान आधिकारिक और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों में हेराफेरी करके एएआई के साथ धोखाधड़ी और गबन का एक संगठित योजना बनाई। उसने लगभग 232 करोड़ रुपए की सार्वजनिक धनराशि को अपने निजी खातों में स्थानांतरित कर दिया।
जांच से पता चला है कि 2019-20 से 2022-23 के बीच, आरोपी ने डुप्लिकेट और फर्जी संपत्तियां बनाकर, कुछ संपत्तियों के मूल्यों में बढ़ोतरी की, और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया। इस प्रक्रिया में लगभग 232 करोड़ रुपए की राशि कथित तौर पर आरोपी के बैंक खाते में स्थानांतरित की गई।
बैंक लेनदेन की प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि इस प्रकार जमा की गई धनराशि को बाद में आरोपी ने व्यावसायिक खातों में स्थानांतरित कर दिया, जिससे जनता के पैसे की हेराफेरी हुई। इस मामले में, केंद्रीय जांच एजेंसी ने 28 अगस्त को जयपुर में आरोपी के आधिकारिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली, जहां से अचल संपत्तियों और मूल्यवान प्रतिभूतियों के दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपी का नाम राहुल विजय है, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक था।