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क्या दिल्ली के अटल कैंटीन ने 72 घंटों में 64,446 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया? - सीएम रेखा गुप्ता

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क्या दिल्ली के अटल कैंटीन ने 72 घंटों में 64,446 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया? - सीएम रेखा गुप्ता

सारांश

दिल्ली में अटल कैंटीन ने 72 घंटों में 64,446 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल की जानकारी दी। यह योजना गरीबों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन मुहैया करने के लक्ष्य से शुरू की गई है। जानें इस पहल के पीछे की प्रेरणा और इसके लाभ।

मुख्य बातें

अटल कैंटीन का उद्घाटन 72 घंटे पहले हुआ।
64,446 लोग को भोजन उपलब्ध कराया गया।
भोजन की कीमत सिर्फ 5 रुपए है।
यह पहल गरीबों के कल्याण के लिए है।
सरकार 25 रुपए की सब्सिडी देती है।

नई दिल्ली, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को बताया कि नवनिर्मित 'अटल कैंटीन' को जनता से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। इस योजना के शुभारंभ के 72 घंटों के अंदर ही 64,446 लोगों को केवल 5 रुपए में भोजन मुहैया कराया गया है।

सीएम गुप्ता ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।

गुरुवार को, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर, राष्ट्रीय राजधानी में 100 अटल कैंटीनों में से 45 कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके बाद, विधायकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में और कैंटीनों का उद्घाटन किया।

इस पहल का उद्देश्य लोगों को अत्यधिक रियायती दरों पर किफायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 25 दिसंबर को 17,587 लोगों को भोजन परोसा गया, जिसमें से 8,604 को दोपहर का भोजन और 8,983 को रात का भोजन दिया गया।

एक सरकारी बयान के अनुसार, 26 दिसंबर को शाम 7:30 बजे तक, अटल कैंटीन में कुल 15,805 लोगों ने भोजन का लाभ उठाया, जिसमें 10,696 लोग दोपहर के समय और 5,109 लोग रात के खाने के समय आए।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा नेता आशीष सूद और तरविंदर सिंह मारवाह उपस्थित थे, जिन्हें इस अवसर पर अटल कैंटीन में भोजन करते हुए देखा गया।

सीएम गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें 100 साल पहले जन्मा 'युग पुरुष' बताया।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उनकी 101वीं जयंती नजदीक आ रही थी, सरकार ने उनकी विरासत का सम्मान करने के सर्वोत्तम तरीकों पर विचार किया, जिसके परिणामस्वरूप अटल कैंटीन शुरू करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने कहा, "अटल कैंटीन खोलने का निर्णय जानबूझकर इस महत्वपूर्ण दिन पर लिया गया था।"

इस योजना के बारे में बताते हुए गुप्ता ने कहा कि लोग कैंटीन में सिर्फ 5 रुपए में भोजन कर सकते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उपभोक्ता 5 रुपए का भुगतान करते हैं, जबकि भोजन की वास्तविक लागत लगभग 30 रुपए है, जिसमें सरकार 25 रुपए की सब्सिडी प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सबसे पहले भोजन पर्ची ली, उसके बाद उन्होंने ली।

मुख्यमंत्री ने कैंटीनों में परोसे जाने वाले भोजन को 'सात्विक' बताया और इसकी पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक गुणवत्ता पर जोर दिया।

बाद में, सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह पहल सेवा, सुशासन और गरीबों के कल्याण के दृष्टिकोण से प्रेरित थी।

उन्होंने लिखा, "यह पहल सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली एक ऐसी राजधानी बने जहां लोगों को सम्मान के साथ भोजन मिले और कोई भी भूखा न सोए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक समरसता और गरीबों के कल्याण के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की यह योजना निश्चित रूप से दिल्ली के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटल कैंटीन का उद्देश्य क्या है?
अटल कैंटीन का उद्देश्य गरीबों को सस्ती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
कितने लोगों को भोजन परोसा गया?
64,446 लोगों को 72 घंटों में भोजन प्रदान किया गया।
भोजन की कीमत क्या है?
कैंटीन में भोजन की कीमत 5 रुपए है।
किस दिन इस योजना का उद्घाटन किया गया?
इस योजना का उद्घाटन अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर किया गया।
सरकार कितनी सब्सिडी प्रदान कर रही है?
सरकार 25 रुपए की सब्सिडी प्रदान कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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