यमुना सफाई पर दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का हमला — AAP सरकार ने ₹2,900 करोड़ बर्बाद किए
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को यमुना घाट पर आयोजित सफाई अभियान में भाग लिया और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर यमुना की सफाई के नाम पर ₹2,900 करोड़ बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया। मल्होत्रा ने कहा कि पिछली सरकार ने कभी भी नदी की सफाई के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तैयार नहीं की।
मुख्य घटनाक्रम
हर्ष मल्होत्रा ने यमुना घाट पर झाड़ू उठाकर सफाई अभियान की शुरुआत की और इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली वर्तमान BJP सरकार ने दिल्ली से गुजरने वाली यमुना के 33 किलोमीटर के हिस्से को साफ करने की विस्तृत योजना तैयार कर ली है।
उन्होंने कहा, "दिल्ली में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, रेखा जी के नेतृत्व वाली सरकार ने दिल्ली से होकर बहने वाली यमुना नदी के 33 किलोमीटर के हिस्से को साफ करने की योजना बनाई। केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने यमुना के नाम पर सिर्फ राजनीति की और लोगों को यह भरोसा दिलाकर गुमराह किया कि वे इसे साफ कर देंगे।"
₹2,900 करोड़ के इस्तेमाल पर सवाल
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने यमुना सफाई के लिए केजरीवाल सरकार को लगभग ₹2,900 करोड़ उपलब्ध कराए थे, लेकिन इस राशि के साथ कोई ठोस कार्ययोजना नहीं जोड़ी गई। उनके अनुसार इन निधियों का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ और नदी की स्थिति जस की तस बनी रही।
गौरतलब है कि यमुना दिल्ली की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक रही है। हर चुनावी चक्र में इसकी सफाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि धरातल पर परिणाम हमेशा वादों से पीछे रहे हैं।
केजरीवाल सरकार पर आरोप
मल्होत्रा ने कहा कि AAP सरकार ने दो चुनावी चक्रों में यमुना सफाई का वादा किया — पहले कार्यकाल में विफल रहने पर माफी माँगी, फिर अगले पाँच वर्षों में सफाई का नया वादा किया। उन्होंने कहा, "लोग उनकी बातों में आ गए, लेकिन जब पाँच साल बाद भी यमुना साफ नहीं हुई, तो उन्होंने माफी माँगी और अगले पाँच साल में इसे साफ करने का वादा किया। जब वह समय आया, तो उन्होंने फिर वही काम किया, क्योंकि उन्होंने कभी इसके लिए कोई योजना बनाई ही नहीं थी।"
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन के कुछ महीनों में ही पर्यावरण और बुनियादी ढाँचे को लेकर राजनीतिक जवाबदेही की माँग तेज होती जा रही है।
वर्तमान सरकार की योजना
BJP के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार यमुना के 33 किलोमीटर के दिल्ली हिस्से की सफाई के लिए एक चरणबद्ध रणनीति पर काम कर रही है। हालाँकि इस योजना के विस्तृत खर्च, समयसीमा और स्वतंत्र निगरानी तंत्र का अभी तक सार्वजनिक रूप से ब्यौरा नहीं दिया गया है।
दिल्ली BJP की ओर से आयोजित यह सफाई अभियान प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है — यह दर्शाने का प्रयास है कि नई सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी सक्रिय है। आने वाले महीनों में सरकार की नदी सफाई योजना की असली परीक्षा होगी।