यमुना सफाई पर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन, CM रेखा गुप्ता बोलीं — 'संकल्प पूरा होगा'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 22 अक्टूबर 2026 को यमुना पुनरुद्धार परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह के बाद दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार स्वच्छ यमुना के अपने संकल्प पर डटी हुई है और कुछ ही वर्षों में दिल्लीवासियों को यह 'उपहार' अवश्य मिलेगा। श्याम नगर में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ₹8,941 करोड़ से अधिक लागत वाली कुल 43 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।
मुख्य घटनाक्रम
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह दिल्ली के लोगों के लिए बेहद खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि लगभग ₹9,000 करोड़ की लागत से उद्घाटित या शिलान्यस्त ये परियोजनाएँ दिल्लीवासियों की दीर्घकालीन उम्मीदों को पूरा करती हैं। इन परियोजनाओं में सीवर लाइनें बिछाना, जल उपचार संयंत्रों की स्थापना, सीवर नेटवर्क को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जोड़ना और नए STP का निर्माण शामिल है।
गुप्ता ने चंद्रावल परियोजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से अटकी इस परियोजना का पूरा होना दिल्ली के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, 'हमने अपने कार्यकाल के पिछले डेढ़ वर्षों में इस दिशा में लगातार ठोस प्रगति की है और हम अपने संकल्प पर कायम हैं।'
परियोजनाओं का विवरण
दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ी इन 43 परियोजनाओं के तहत नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे, पुराने प्लांटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, सीवर नेटवर्क का विस्तार होगा और जल निकासी व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि इन परियोजनाओं में सीवर कनेक्शन और नई सीवर लाइनें बिछाने का काम भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी और सीवर क्षेत्र की बेहतरीन कंपनियाँ दिल्ली में आकर काम कर रही हैं।
सीएम का एक्स पोस्ट और राजनीतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया और लिखा कि 'मिशन स्वच्छ यमुना को नई गति देने के लिए समस्त दिल्लीवासियों की ओर से हृदय से आभार।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन को भी इस अभियान की प्रेरणा बताया। यह ऐसे समय में आया है जब यमुना सफाई दशकों से दिल्ली की राजनीति का केंद्रीय विषय रहा है और कई सरकारें इसे पूरी तरह हासिल करने में नाकाम रही हैं।
आम जनता पर असर
यमुना में गंदे पानी की सबसे बड़ी वजह अनुपचारित सीवेज है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर नदी में प्रवाहित होने वाले प्रदूषित जल की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जिससे नई दिल्ली के लाखों नागरिकों को स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर पेयजल गुणवत्ता का लाभ मिल सकता है। गौरतलब है कि यमुना का जल दिल्ली की जलापूर्ति का एक अहम स्रोत भी है।
क्या होगा आगे
सरकार के अनुसार, कुछ ही वर्षों में यमुना साफ होनी चाहिए और निर्बाध रूप से बहनी चाहिए। हालाँकि, यमुना पुनरुद्धार की समयसीमा और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी किस तंत्र से होगी, इसका विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि धरातल पर प्रभाव तभी स्पष्ट होगा जब ये परियोजनाएँ निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और उनका नियमित संचालन सुनिश्चित हो।