22 अक्टूबर 2026
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यमुना पुनर्जीवन: अमित शाह ने दिल्ली में ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

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यमुना पुनर्जीवन: अमित शाह ने दिल्ली में ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

सारांश

₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं के साथ अमित शाह ने यमुना पुनर्जीवन को नई रफ्तार दी। मई 2029 की समयसीमा, 40% से अधिक प्रगति का दावा और AAP पर सीधा हमला — दिल्ली की सबसे पुरानी राजनीतिक समस्या अब BJP सरकार की प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में यमुना सफाई की ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
कुल 43 परियोजनाएँ — 10 का उद्घाटन , 33 का शिलान्यास — नए एसटीपी और सीवर नेटवर्क विस्तार सहित।
सरकार का दावा: अब तक 40% से अधिक लक्ष्य हासिल; मई 2029 तक यमुना स्वच्छ करने की प्रतिबद्धता।
दिल्ली सरकार ने 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाया, 100 एकड़ ज़मीन मुक्त कराई।
ओखला-भलस्वा के कूड़े के पहाड़ 30-40 मीटर और गाजीपुर 10-15 मीटर नीचे आए।
हर घर तक सीवर कनेक्शन के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन से जुड़ी ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने मई 2029 तक यमुना को पूरी तरह स्वच्छ बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार और केंद्र के संयुक्त प्रयास का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

गृह मंत्री ने बताया कि गुरुवार को कुल 43 परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ा — जिनमें 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 33 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं के ज़रिए कई लाख लीटर पानी को शुद्ध कर यमुना में प्रवाहित किया जाएगा।

कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया और मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के उन्नयन के साथ-साथ नए एसटीपी स्थापित करने के लिए भी शिलान्यास हुआ।

बुनियादी ढाँचे पर ज़ोर

शाह ने बताया कि एक विकेंद्रीकृत एसटीपी पंपिंग स्टेशन स्थापित किया गया है और घरों को सीवर लाइनों से जोड़ने का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, 'हम सीवर पुनर्वास, ड्रेनेज और टैपिंग कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।'

उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के हर घर तक सीवर कनेक्शन पहुँचाने के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित हो सके और प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हो। उन्होंने सराय काले खां और आईटीओ क्षेत्र में असीता ईस्ट, बंसेरा और वासुदेव घाट जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए इन्हें 'विश्वस्तरीय' बताया।

कूड़े के पहाड़ों पर प्रगति

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के सहयोग से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाया है और 100 एकड़ भूमि को कचरे से मुक्त कराया है।

आँकड़ों के अनुसार, ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ों की ऊँचाई 30 से 40 मीटर तक कम हुई है, जबकि गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ की ऊँचाई 10 से 15 मीटर तक घट गई है। शाह ने भरोसा जताया कि अगले दो वर्षों में इन कूड़े के पहाड़ों की जगह बगीचे नज़र आएंगे।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष पर निशाना

शाह ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्व सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया, 'दिल्ली की पिछली सरकारें यह बहाना बनाती थीं कि उन्हें कोई मदद नहीं मिली। उनके हर दावे का हमारे पास जवाब है, लेकिन वह जवाब हम पंजाब में उनकी सरकार जाने के बाद देंगे।'

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने 'विरोध-प्रदर्शनों के सहारे सत्ता हासिल करने और भ्रष्टाचार करने के अलावा कोई काम नहीं किया।' गौरतलब है कि यमुना सफाई दशकों से दिल्ली की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा रही है और इससे पहले भी कई सरकारें इस पर वादे कर चुकी हैं।

क्या होगा आगे

शाह ने कहा कि अब तक 40 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया जा चुका है और मई 2029 की समयसीमा को पूरा करने का पूरा विश्वास है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार अपनी शहरी प्रशासन क्षमता साबित करने की दिशा में काम कर रही है। तीन वर्षीय सीवर योजना के क्रियान्वयन और एसटीपी परियोजनाओं की प्रगति पर सबकी नज़रें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

941 करोड़ की यह घोषणा महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — न कि उद्घाटनों की संख्या। '40% से अधिक सफलता' का दावा सत्यापन-योग्य मानकों पर टिका होना चाहिए, जैसे कि यमुना के प्रमुख बिंदुओं पर वास्तविक जल गुणवत्ता डेटा। AAP पर राजनीतिक हमला इस संदेश को थोड़ा कमज़ोर करता है — जब इतनी बड़ी पर्यावरणीय परियोजना की बात हो, तो जवाबदेही और पारदर्शिता ज़्यादा ज़रूरी है, राजनीतिक स्कोरिंग नहीं।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने यमुना सफाई की कितनी परियोजनाओं का शुभारंभ किया?
गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर 2026 को कुल 43 परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाया — जिनमें 10 का उद्घाटन और 33 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹8,941 करोड़ है।
यमुना सफाई की समयसीमा क्या है?
सरकार ने मई 2029 तक यमुना को पूरी तरह स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा है। अमित शाह ने दावा किया कि अब तक 40 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।
इन परियोजनाओं में क्या-क्या शामिल है?
इन परियोजनाओं में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना, मौजूदा एसटीपी का उन्नयन, विकेंद्रीकृत पंपिंग स्टेशन, घरों को सीवर लाइनों से जोड़ना और ड्रेनेज टैपिंग कार्य शामिल हैं। हर घर तक सीवर कनेक्शन के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों में कितनी कमी आई है?
अमित शाह के अनुसार, ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ों की ऊँचाई 30 से 40 मीटर तक कम हुई है, जबकि गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ की ऊँचाई 10 से 15 मीटर तक घटी है। सरकार ने कुल 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाकर 100 एकड़ भूमि मुक्त कराने का दावा किया है।
आम आदमी पार्टी पर अमित शाह ने क्या आरोप लगाए?
शाह ने AAP की पूर्व दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने यमुना सफाई के लिए कोई ठोस काम नहीं किया और केवल बहानेबाजी की राजनीति की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने विरोध-प्रदर्शनों के सहारे सत्ता हासिल करने और भ्रष्टाचार करने के अलावा कोई काम नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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