स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान शुरू: CM रेखा गुप्ता बोलीं — नदी की सफाई सरकार और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान' की औपचारिक शुरुआत की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभियान का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करना केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित रग्बी ग्राउंड में आयोजित किया गया।
अभियान का उद्घाटन और मुख्य उपस्थिति
अभियान की शुरुआत दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा की उपस्थिति में हुई। विधायक सूर्यप्रकाश खत्री, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य महासचिव मोहन लाल गिहारा भी मंच पर उपस्थित रहे। विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने 'यमुना प्रहरी' बनने और नदी की स्वच्छता में सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ ली।
डिजिटल पहल: ऐप और वेबसाइट का शुभारंभ
मुख्यमंत्री गुप्ता ने 'स्वच्छ यमुना प्रहरी ऐप' पर स्वयं पंजीकरण करवाया और यमुना को स्वच्छ व सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। दिल्ली सरकार ने 'मेरीयमुना.इन' नामक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिस पर पंजीकरण करके कोई भी दिल्ली निवासी स्वच्छ यमुना प्रहरी बन सकता है। यह डिजिटल माध्यम आम नागरिकों को अभियान से सीधे जोड़ने की कोशिश है।
भाजपा का रुख: ₹3,000 करोड़ और दोहरा लक्ष्य
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही दो प्राथमिकताएँ तय की हैं — दिल्ली के तीनों कचरे के पहाड़ों को हटाना और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाना। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए जा चुके हैं और काम प्रारंभ हो चुका है।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यमुना की सफाई के लिए पहले ₹3,500 करोड़ आवंटित किए थे, लेकिन उनके अनुसार पिछली सरकार के कार्यकाल में इन निधियों का अपेक्षित उपयोग नहीं हुआ और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए।
यमुना की भौगोलिक और सांस्कृतिक अहमियत
भाजपा अध्यक्ष ने यमुना के भौगोलिक मार्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नदी उत्तराखंड से निकलकर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों से होते हुए प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तक पहुँचती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से गुज़रने वाले लगभग 33 किलोमीटर के हिस्से में नदी की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है। मल्होत्रा ने यह भी जोड़ा कि भारत की नदियाँ केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक हैं।
आगे की राह
दिल्ली भाजपा के बयान के अनुसार यह अभियान दिल्ली सरकार के यमुना संरक्षण के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिसे पार्टी का संगठनात्मक समर्थन भी प्राप्त है। यह ऐसे समय में आया है जब यमुना का प्रदूषण स्तर वर्षों से चिंता का विषय बना हुआ है और अदालतों से लेकर नागरिक समाज तक इस पर जवाबदेही की माँग उठती रही है। अब देखना यह होगा कि नागरिक जुड़ाव और आवंटित धनराशि मिलकर ज़मीनी बदलाव ला पाते हैं या नहीं।