1 अक्टूबर 2026
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स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान शुरू: CM रेखा गुप्ता बोलीं — नदी की सफाई सरकार और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी

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स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान शुरू: CM रेखा गुप्ता बोलीं — नदी की सफाई सरकार और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 अक्टूबर को 'स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान' की शुरुआत की। ₹3,000 करोड़ की आवंटित राशि और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ यह अभियान नागरिकों को यमुना संरक्षण की शपथ से सीधे जोड़ने की कोशिश है।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान' का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रग्बी ग्राउंड में अभियान की शुरुआत की; छात्रों ने यमुना प्रहरी बनने की शपथ ली।
यमुना सफाई के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित; भाजपा सरकार के दोहरे लक्ष्य — कचरे के तीनों पहाड़ हटाना और यमुना को प्रदूषण मुक्त करना।
'स्वच्छ यमुना प्रहरी ऐप' और 'मेरीयमुना.इन' वेबसाइट लॉन्च; दिल्ली निवासी ऑनलाइन पंजीकरण से प्रहरी बन सकते हैं।
दिल्ली में यमुना का लगभग 33 किलोमीटर का हिस्सा सर्वाधिक प्रदूषित; केंद्र से पहले ₹3,500 करोड़ आवंटित थे, जिनके उपयोग पर सवाल उठे।

दिल्ली सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान' की औपचारिक शुरुआत की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभियान का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करना केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित रग्बी ग्राउंड में आयोजित किया गया।

अभियान का उद्घाटन और मुख्य उपस्थिति

अभियान की शुरुआत दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा की उपस्थिति में हुई। विधायक सूर्यप्रकाश खत्री, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्य महासचिव मोहन लाल गिहारा भी मंच पर उपस्थित रहे। विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने 'यमुना प्रहरी' बनने और नदी की स्वच्छता में सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ ली।

डिजिटल पहल: ऐप और वेबसाइट का शुभारंभ

मुख्यमंत्री गुप्ता ने 'स्वच्छ यमुना प्रहरी ऐप' पर स्वयं पंजीकरण करवाया और यमुना को स्वच्छ व सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। दिल्ली सरकार ने 'मेरीयमुना.इन' नामक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिस पर पंजीकरण करके कोई भी दिल्ली निवासी स्वच्छ यमुना प्रहरी बन सकता है। यह डिजिटल माध्यम आम नागरिकों को अभियान से सीधे जोड़ने की कोशिश है।

भाजपा का रुख: ₹3,000 करोड़ और दोहरा लक्ष्य

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही दो प्राथमिकताएँ तय की हैं — दिल्ली के तीनों कचरे के पहाड़ों को हटाना और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाना। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए जा चुके हैं और काम प्रारंभ हो चुका है।

मल्होत्रा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यमुना की सफाई के लिए पहले ₹3,500 करोड़ आवंटित किए थे, लेकिन उनके अनुसार पिछली सरकार के कार्यकाल में इन निधियों का अपेक्षित उपयोग नहीं हुआ और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए।

यमुना की भौगोलिक और सांस्कृतिक अहमियत

भाजपा अध्यक्ष ने यमुना के भौगोलिक मार्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नदी उत्तराखंड से निकलकर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों से होते हुए प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तक पहुँचती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से गुज़रने वाले लगभग 33 किलोमीटर के हिस्से में नदी की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है। मल्होत्रा ने यह भी जोड़ा कि भारत की नदियाँ केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान की प्रतीक हैं।

आगे की राह

दिल्ली भाजपा के बयान के अनुसार यह अभियान दिल्ली सरकार के यमुना संरक्षण के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिसे पार्टी का संगठनात्मक समर्थन भी प्राप्त है। यह ऐसे समय में आया है जब यमुना का प्रदूषण स्तर वर्षों से चिंता का विषय बना हुआ है और अदालतों से लेकर नागरिक समाज तक इस पर जवाबदेही की माँग उठती रही है। अब देखना यह होगा कि नागरिक जुड़ाव और आवंटित धनराशि मिलकर ज़मीनी बदलाव ला पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नदी का प्रदूषण स्तर दशकों से चिंताजनक बना हुआ है। अभियान की असली परीक्षा नागरिक पंजीकरण की संख्या नहीं, बल्कि ₹3,000 करोड़ की राशि का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग होगी। पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन इस बार मापने योग्य जल-गुणवत्ता लक्ष्यों और स्वतंत्र ऑडिट के बिना यह अभियान भी उसी सूची में जुड़ने का जोखिम रखता है जो वादे करती हैं और नतीजे नहीं देतीं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान क्या है?
यह दिल्ली सरकार द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को शुरू किया गया नागरिक-सहभागिता अभियान है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को यमुना की सफाई में सक्रिय भागीदार बनाना है। 'स्वच्छ यमुना प्रहरी ऐप' और 'मेरीयमुना.इन' वेबसाइट के ज़रिये दिल्लीवासी ऑनलाइन पंजीकरण कर 'यमुना प्रहरी' बन सकते हैं।
यमुना सफाई के लिए कितने रुपये आवंटित किए गए हैं?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के अनुसार वर्तमान भाजपा सरकार ने यमुना सफाई के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने ₹3,500 करोड़ आवंटित किए थे, जिनके उपयोग पर सवाल उठे थे।
अभियान में छात्रों की क्या भूमिका है?
दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने अभियान के उद्घाटन अवसर पर 'यमुना प्रहरी' बनने और नदी की स्वच्छता में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। छात्र ऐप और वेबसाइट के माध्यम से भी अभियान से जुड़ सकते हैं।
दिल्ली में यमुना का कितना हिस्सा सर्वाधिक प्रदूषित है?
भाजपा नेताओं के अनुसार यमुना लगभग 33 किलोमीटर तक दिल्ली से होकर बहती है और इसी हिस्से में नदी की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है। यह नदी उत्तराखंड से निकलकर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश होते हुए प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तक पहुँचती है।
मेरीयमुना.इन वेबसाइट पर कैसे पंजीकरण करें?
'मेरीयमुना.इन' दिल्ली सरकार द्वारा लॉन्च किया गया डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस वेबसाइट पर जाकर कोई भी दिल्ली निवासी ऑनलाइन पंजीकरण कर स्वच्छ यमुना प्रहरी बन सकता है और अभियान में सहभागी हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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