18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर भाजपा का 'स्वच्छ यमुना' अभियान, मंत्री-सांसद-कार्यकर्ता उतरे श्रमदान में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर भाजपा का 'स्वच्छ यमुना' अभियान, मंत्री-सांसद-कार्यकर्ता उतरे श्रमदान में

सारांश

भाजपा ने सेवा संकल्प पखवाड़े के तहत दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया। मंत्री, सांसद, विधायक और हज़ारों कार्यकर्ता उतरे। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि घाटों की सफाई तभी टिकाऊ होगी जब नदी में प्रदूषित पानी के प्रवाह पर भी लगाम लगे।

मुख्य बातें

भाजपा ने 18 अक्टूबर 2026 को 'एक संकल्प, स्वच्छ यमुना' अभियान के तहत दिल्ली के 70 घाटों पर एक साथ सफाई की।
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा सहित सांसद, विधायक और हज़ारों कार्यकर्ता श्रमदान में शामिल हुए।
दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डीएनडी-चिल्ला यमुना घाट पर सफाई अभियान में भाग लिया।
MCD की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा के अनुसार पिछले डेढ़ साल से यमुना सफाई के प्रयास जारी हैं।
पूर्व महापौर राजा इकबाल ने बताया कि छठ पूजा के दौरान एमसीडी की टीमें घाटों पर तैनात रहेंगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'एक संकल्प, स्वच्छ यमुना' अभियान के तहत यमुना नदी के किनारे स्थित 70 घाटों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया। इस श्रमदान में दिल्ली सरकार के मंत्री, भाजपा सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और हज़ारों कार्यकर्ता शामिल हुए। अभियान का मुख्य उद्देश्य घाटों पर जमा कचरे को हटाना और उसे नदी में पहुँचने से रोकना रहा।

अभियान की पृष्ठभूमि

भाजपा ने इस अभियान को सेवा संकल्प पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित किया। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कार्यकर्ताओं के साथ यमुना किनारे सफाई करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री का जन्मदिन भाजपा सेवा संकल्प के रूप में मनाती है। इसमें स्वेच्छा से सेवा करना, जरूरतमंदों का साथ देना और सड़कों या झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले गरीब लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद करना शामिल है। इसी सेवा भाव के तहत आज यमुना नदी के किनारे सफाई अभियान चलाया जा रहा है।'

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने पटपड़गंज विधायक रविंदर सिंह नेगी और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अभियान में भाग लिया तथा नाव से घाटों का निरीक्षण भी किया। दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डीएनडी-चिल्ला यमुना घाट पर पहुँचकर सफाई कार्य में हाथ बँटाया।

बिधूड़ी ने अभियान को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा, 'हजारों पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए हैं। अभी मेरी मुलाकात महरौली विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से हुई और उन्होंने सफाई का बहुत शानदार काम किया है।' भाजपा ने सोनिया विहार के 'ढाई पुश्ता' क्षेत्र में 'यमुना तट: स्वच्छता अभियान 2026' का भी विशेष आयोजन किया।

नेताओं की प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि यमुना दिल्ली की जीवन रेखा है और इसे स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उनके अनुसार नदी की सफाई केवल सरकारी दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी अनिवार्य है।

दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के आह्वान पर 70 स्थानों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल से यमुना की सफाई के प्रयास निरंतर जारी हैं और कई घाटों को स्वच्छ किया जा चुका है।

एमसीडी और छठ पूजा की तैयारी

दिल्ली के पूर्व महापौर और भाजपा नेता राजा इकबाल ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ रखना एमसीडी का प्रमुख दायित्व है और निगम के कर्मचारी घाटों की नियमित सफाई में जुटे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने और घाटों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए एमसीडी की टीमें निर्धारित स्थानों पर तैनात रहेंगी।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब यमुना प्रदूषण लंबे समय से दिल्ली की राजनीति में एक केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटों की सतही सफाई के साथ-साथ नदी में प्रदूषित पानी के प्रवाह को नियंत्रित करना और कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नदी की स्थिति बुनियादी रूप से नहीं बदली। 70 घाटों पर एक दिन का श्रमदान जन-जागरूकता के लिहाज़ से सार्थक है, पर यह सवाल बना रहता है कि सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता, औद्योगिक प्रवाह नियंत्रण और नाले बंद करने जैसे ढाँचागत कदमों की रफ़्तार क्या है। गौरतलब है कि दिल्ली में यमुना सफाई पर अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्टें नदी को बेहद प्रदूषित श्रेणी में रखती हैं। जब तक सफाई अभियान नियमित ढाँचागत जवाबदेही से नहीं जुड़ता, तब तक ये आयोजन राजनीतिक संदेश देने तक ही सीमित रह सकते हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक संकल्प, स्वच्छ यमुना' अभियान क्या है?
यह भाजपा द्वारा 18 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर एक साथ आयोजित सफाई अभियान है, जिसमें मंत्री, सांसद, विधायक और हज़ारों कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया। इसका उद्देश्य घाटों पर जमा कचरे को हटाना और उसे नदी में पहुँचने से रोकना था।
अभियान में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक रविंदर सिंह नेगी और सतीश उपाध्याय, एमसीडी स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा तथा पूर्व महापौर राजा इकबाल समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता अभियान में शामिल हुए।
यमुना सफाई और छठ पूजा का क्या संबंध है?
पूर्व महापौर राजा इकबाल के अनुसार, छठ पूजा के दौरान श्रद्धालु यमुना घाटों पर उपासना करते हैं, इसलिए एमसीडी की टीमें उन्हें सुविधाएँ देने और घाटों को साफ रखने के लिए निर्धारित स्थानों पर तैनात रहेंगी। त्योहार से पहले घाटों की सफाई इसीलिए प्राथमिकता में है।
यमुना प्रदूषण की वास्तविक स्थिति क्या है?
यमुना दिल्ली से गुज़रते हुए सबसे अधिक प्रदूषित होती है, जहाँ अनुपचारित सीवेज और औद्योगिक कचरे का बड़ा योगदान है। एमसीडी स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा के दावे के अनुसार पिछले डेढ़ साल से सफाई प्रयास जारी हैं, हालाँकि नदी की दीर्घकालिक स्वच्छता के लिए ढाँचागत सुधार भी आवश्यक माने जाते हैं।
अभियान का आयोजन किसके आह्वान पर हुआ?
सत्या शर्मा के अनुसार यह अभियान दिल्ली के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के आह्वान पर आयोजित किया गया। भाजपा ने इसे सेवा संकल्प पखवाड़े के तहत चलाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले