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दिल्ली में चरस तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 1.436 किलोग्राम मलाणा क्रीम बरामद

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दिल्ली में चरस तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 1.436 किलोग्राम मलाणा क्रीम बरामद

सारांश

दिल्ली पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 1.436 किलोग्राम मलाणा क्रीम बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 'नशा मुक्त दिल्ली' अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 1.436 किलोग्राम चरस बरामद की।
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई 'नशा मुक्त दिल्ली' अभियान के तहत की गई।
चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 60 लाख रुपये है।
पुलिस अन्य तस्करों की तलाश कर रही है।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशीले पदार्थों की अंतर-राज्यीय तस्करी के एक विशाल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 1.436 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली चरस (मलाणा क्रीम) बरामद की गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

यह विशेष अभियान 'नशा मुक्त दिल्ली' के अंतर्गत चलाया गया, जिसमें क्राइम ब्रांच की टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। यह खेप हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मलाना गांव से लाई गई थी और इसका गंतव्य मुंबई था।

19 मार्च 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओम चंद उर्फ ओमु, जो हिमाचल प्रदेश का निवासी है, दिल्ली में चरस की सप्लाई कर रहा है। इस सूचना के आधार पर, इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में एक टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पहले टीम ने दिल्ली के जीटी करनाल बाईपास और आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर जाल बिछाया, लेकिन आरोपी वहां से भाग गया। इसके बाद, पुलिस ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर, ट्रेन के रवाना होने से कुछ पल पहले, ओम चंद उर्फ ओमु और उसके साथी प्यारे सिंह को पकड़ लिया।

इस अभियान के दौरान उनके पास से कुल 1.436 किलोग्राम चरस बरामद हुई। जांच में पता चला कि चरस हिमाचल प्रदेश के मलाना गांव के नोलू राम से ली गई थी। पुलिस ने नोलू राम के घर पर छापा मारा, लेकिन वह फरार हो गया।

आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला कि मुंबई में चरस की काफी मांग है, विशेषकर पार्टी और इवेंट्स के लिए। उन्होंने बताया कि उन्हें यह नशीला पदार्थ मुंबई के ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

ओम चंद उर्फ ओमु शादीशुदा है और उसने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। वह हिमाचल प्रदेश में एक प्राइवेट टैक्सी चलाता है। प्यारे सिंह भी 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और ओमु का चचेरा भाई है। दोनों एक ही गांव से हैं।

इस कार्रवाई ने दिल्ली में नशीले पदार्थों की अंतर-राज्यीय तस्करी पर एक बड़ा झटका दिया है और पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि त्वरित कार्रवाई, सतर्कता, और रणनीतिक योजना से अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। बरामद चरस और गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क का गहराई से अध्ययन कर रही है, ताकि इसके अन्य सदस्यों को भी जल्द पकड़ सके।

क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20/29 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं और समाज के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में चरस तस्करी का भंडाफोड़ कब हुआ?
यह भंडाफोड़ 3 अप्रैल 2026 को हुआ।
पुलिस ने कितनी चरस बरामद की?
पुलिस ने 1.436 किलोग्राम चरस बरामद की।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में ओम चंद उर्फ ओमु और प्यारे सिंह शामिल हैं।
यह कार्रवाई किस अभियान के तहत की गई?
यह कार्रवाई 'नशा मुक्त दिल्ली' अभियान के तहत की गई।
चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत क्या है?
बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 लाख रुपये है।
राष्ट्र प्रेस
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