दिल्ली में मणिपुरी संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह हत्याकांड: सात आरोपियों के खिलाफ साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के किलोकारी इलाके में 54 वर्षीय मणिपुरी गिटार वादक एवं संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की कथित भीड़ हत्या मामले में सात आरोपियों के खिलाफ साकेत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। यह चार्जशीट भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं — 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 103(2) (सामूहिक हत्या), 103(1) (हत्या) और 332(ए) (अपराध के इरादे से घर में घुसपैठ) — के तहत दाखिल की गई है।
घटनाक्रम: वह रात जो बदल गई सब कुछ
6 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे, विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा ने घर के बाहर से पिता की चीखें सुनीं। दरवाजा खोलने पर उसने कथित तौर पर चार-पाँच युवकों को अपने पिता को लात-घूंसे मारते देखा। याइफाबा के शोर मचाने पर हमलावर मौके से भाग गए।
याइफाबा ने अपनी माँ जोचिया और पड़ोसी राडो के साथ विक्रम सिंह को टैक्सी से होली फैमिली अस्पताल पहुँचाया। रास्ते में घायल संगीतकार ने बेटे को बताया कि हमलावर उनके घर के सामने स्थित ढाबे से आए थे, और ढाबे पर हो रहे शोर पर आपत्ति जताने के बाद उन्हें पहले भी धमकियाँ मिली थीं। अस्पताल पहुँचते-पहुँचते वे बेहोश हो गए और 7 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पीड़ित का परिचय और परिवार पर असर
मणिपुर के मूल निवासी चोंगथम विक्रम सिंह कथित तौर पर लगभग सात से आठ वर्षों से सक्रिय काम से दूर थे और अपने परिवार के साथ किलोकारी में रहते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और माता-पिता शामिल हैं। उनका पार्थिव शरीर बाद में इम्फाल ले जाया गया, जहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। यह ऐसे समय में आया जब पूर्वोत्तर भारत के प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही थी।
राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रिया
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जाँच में तेज़ी लाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि परिस्थितियाँ आवश्यक हों, तो मामले को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपा जाए, ताकि जाँच में जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से बात की, जिसने दो सप्ताह के भीतर मजबूत आरोप पत्र दाखिल करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर के लोगों सहित प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (MSAD) सहित कई संगठनों और व्यक्तियों ने इस हत्या के संभावित नस्लीय मकसद पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और गहन जाँच की माँग की है।
मुख्यमंत्री का परिवार से मिलना
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 10 सितंबर को इम्फाल पश्चिम स्थित दिवंगत संगीतकार के आवास का दौरा किया और उनके माता-पिता, पत्नी एवं बेटे से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिवार को आश्वासन दिया कि हत्या के दोषियों को सजा दिलाई जाएगी और राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
क्या होगा आगे
साकेत न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले की सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब दिल्ली में पूर्वोत्तर के किसी नागरिक पर हमले ने राष्ट्रीय स्तर पर नस्लभेद विरोधी बहस को हवा दी हो। अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जाँच में नस्लीय मकसद की औपचारिक जाँच भी शामिल की जाएगी।