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दिल्ली में मणिपुरी संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह हत्याकांड: सात आरोपियों के खिलाफ साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

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दिल्ली में मणिपुरी संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह हत्याकांड: सात आरोपियों के खिलाफ साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

सारांश

दिल्ली पुलिस ने मणिपुरी संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की भीड़ हत्या के मामले में साकेत कोर्ट में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह मामला अब नस्लीय मकसद की जाँच और पूर्वोत्तर के प्रवासियों की सुरक्षा पर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुका है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने साकेत न्यायालय में सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
चार्जशीट BNS धारा 61, 103(1), 103(2) (सामूहिक हत्या) और 332(ए) के तहत दर्ज।
54 वर्षीय मणिपुरी गिटार वादक चोंगथम विक्रम सिंह की 7 सितंबर को होली फैमिली अस्पताल में मृत्यु हुई।
हमले का कारण कथित तौर पर घर के सामने ढाबे पर हो रहे शोर पर आपत्ति जताना था।
मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (MSAD) सहित संगठनों ने संभावित नस्लीय मकसद की जाँच की माँग की।
मणिपुर CM युमनाम खेमचंद सिंह ने दिल्ली CM को पत्र लिख CBI जाँच की संभावना सुझाई।

दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के किलोकारी इलाके में 54 वर्षीय मणिपुरी गिटार वादक एवं संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की कथित भीड़ हत्या मामले में सात आरोपियों के खिलाफ साकेत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। यह चार्जशीट भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं — 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 103(2) (सामूहिक हत्या), 103(1) (हत्या) और 332(ए) (अपराध के इरादे से घर में घुसपैठ) — के तहत दाखिल की गई है।

घटनाक्रम: वह रात जो बदल गई सब कुछ

6 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे, विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा ने घर के बाहर से पिता की चीखें सुनीं। दरवाजा खोलने पर उसने कथित तौर पर चार-पाँच युवकों को अपने पिता को लात-घूंसे मारते देखा। याइफाबा के शोर मचाने पर हमलावर मौके से भाग गए।

याइफाबा ने अपनी माँ जोचिया और पड़ोसी राडो के साथ विक्रम सिंह को टैक्सी से होली फैमिली अस्पताल पहुँचाया। रास्ते में घायल संगीतकार ने बेटे को बताया कि हमलावर उनके घर के सामने स्थित ढाबे से आए थे, और ढाबे पर हो रहे शोर पर आपत्ति जताने के बाद उन्हें पहले भी धमकियाँ मिली थीं। अस्पताल पहुँचते-पहुँचते वे बेहोश हो गए और 7 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

पीड़ित का परिचय और परिवार पर असर

मणिपुर के मूल निवासी चोंगथम विक्रम सिंह कथित तौर पर लगभग सात से आठ वर्षों से सक्रिय काम से दूर थे और अपने परिवार के साथ किलोकारी में रहते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और माता-पिता शामिल हैं। उनका पार्थिव शरीर बाद में इम्फाल ले जाया गया, जहाँ राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। यह ऐसे समय में आया जब पूर्वोत्तर भारत के प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही थी।

राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रिया

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जाँच में तेज़ी लाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि परिस्थितियाँ आवश्यक हों, तो मामले को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपा जाए, ताकि जाँच में जनता का विश्वास मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से बात की, जिसने दो सप्ताह के भीतर मजबूत आरोप पत्र दाखिल करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर के लोगों सहित प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (MSAD) सहित कई संगठनों और व्यक्तियों ने इस हत्या के संभावित नस्लीय मकसद पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और गहन जाँच की माँग की है।

मुख्यमंत्री का परिवार से मिलना

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 10 सितंबर को इम्फाल पश्चिम स्थित दिवंगत संगीतकार के आवास का दौरा किया और उनके माता-पिता, पत्नी एवं बेटे से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिवार को आश्वासन दिया कि हत्या के दोषियों को सजा दिलाई जाएगी और राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

क्या होगा आगे

साकेत न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले की सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब दिल्ली में पूर्वोत्तर के किसी नागरिक पर हमले ने राष्ट्रीय स्तर पर नस्लभेद विरोधी बहस को हवा दी हो। अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जाँच में नस्लीय मकसद की औपचारिक जाँच भी शामिल की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे प्रायः 'अलग-थलग घटना' कहकर टाल दिया जाता है। चार्जशीट में सामूहिक हत्या की धारा शामिल है, परंतु नस्लीय मकसद को अभी तक औपचारिक रूप से न जोड़ना एक महत्वपूर्ण कानूनी अंतर है जिस पर ध्यान देना ज़रूरी है। केंद्रीय मंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप राजनीतिक संवेदनशीलता दर्शाता है, लेकिन असली जवाबदेही इस बात में होगी कि क्या न्यायालय में नस्लीय कोण को भी परखा जाएगा। बिना इस सवाल के ठोस जवाब के, चार्जशीट न्याय की दिशा में एक कदम तो है, पर पूरा सफर नहीं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चोंगथम विक्रम सिंह हत्याकांड क्या है?
यह दिल्ली के किलोकारी इलाके में 6-7 सितंबर 2026 की रात हुई भीड़ हत्या का मामला है, जिसमें 54 वर्षीय मणिपुरी गिटार वादक और संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह को कथित तौर पर उनके घर के सामने ढाबे के लोगों ने बेरहमी से पीटा और 7 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कौन-सी धाराएँ लगाई हैं?
दिल्ली पुलिस ने साकेत न्यायालय में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 103(2) (सामूहिक हत्या), 103(1) (हत्या) और 332(ए) (अपराध के इरादे से घर में घुसपैठ) के तहत सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
क्या इस हत्या में नस्लीय मकसद की जाँच हो रही है?
मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (MSAD) सहित कई संगठनों ने संभावित नस्लीय मकसद की गहन जाँच की माँग की है। हालाँकि, दाखिल चार्जशीट में अभी तक नस्लीय कोण को औपचारिक रूप से शामिल नहीं किया गया है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जाँच में तेज़ी और CBI जाँच की संभावना सुझाई। उन्होंने 10 सितंबर को इम्फाल में दिवंगत संगीतकार के परिवार से भी मुलाकात कर न्याय का आश्वासन दिया।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
साकेत न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक सुनवाई आगे बढ़ेगी। न्यायालय अब आरोपियों को तलब करेगा और सुनवाई की तारीखें तय होंगी। इस बीच, नस्लीय मकसद की जाँच और संभावित CBI संदर्भ पर भी नज़र रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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