गाजीपुर हत्याकांड: मृतक के पिता का आरोप — पुलिस की 'कटरा गिरोह' से मिलीभगत, ₹1 करोड़ की वसूली मांग के बाद की गई हत्या
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक होटल व्यवसायी के बेटे विनीत राय की चार नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। रविवार, 1 जून को मृतक के पिता आलोक राय ने सीधे आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिसकर्मी कथित 'कटरा गिरोह' के साथ मिलीभगत में हैं और उन्होंने डीजीपी, एडीजी वाराणसी, एसपी कोतवाली तथा मुख्यमंत्री को पहले भी आवेदन भेजे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्य घटनाक्रम
घटना से दो दिन पूर्व चार नकाबपोश बदमाशों ने विनीत राय पर गोलियाँ चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जाँचकर्ताओं के अनुसार, मुख्य संदिग्ध कथित 'कटरा गिरोह' से जुड़ा हुआ है। आलोक राय ने बताया कि आरोपी का घर उनके होटल से मात्र 100 मीटर उत्तर में स्थित है और होटल के ठीक पीछे ग्राम प्रधान का घर है, जिसका भाई भी इस गिरोह का कथित सरगना बताया जाता है।
जबरन वसूली की पृष्ठभूमि
आलोक राय के अनुसार, आरोपियों ने पहले होटल संचालन की अनुमति के एवज में ₹20 लाख की माँग की, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1 करोड़ कर दिया गया। परिवार ने कोई भी रकम देने से इनकार कर दिया और होटल बंद करने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि इसी इनकार के बाद यह हत्या अंजाम दी गई।
पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
आलोक राय ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर गिरोह को काम करने में सक्रिय सहायता की। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम प्रधान गिरोह के सदस्यों को पनाह देता है। उनके अनुसार, कोतवाली इलाके में ऐसी लगभग 20 घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें से केवल दो-तीन मामलों में ही एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इलाके के अधिकांश अपराधों की जड़ में जबरन वसूली है।
परिवार की माँगें
मृतक के पिता ने माँग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और कटरा गिरोह के सदस्यों के कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाए। उनका दावा है कि गाजीपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और पुलिस-गिरोह सांठगांठ के आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं। गौरतलब है कि आलोक राय ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को रिमाइंडर भेजे थे, फिर भी कोई निवारक कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।