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गाजीपुर हत्याकांड: मृतक के पिता का आरोप — पुलिस की 'कटरा गिरोह' से मिलीभगत, ₹1 करोड़ की वसूली मांग के बाद की गई हत्या

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गाजीपुर हत्याकांड: मृतक के पिता का आरोप — पुलिस की 'कटरा गिरोह' से मिलीभगत, ₹1 करोड़ की वसूली मांग के बाद की गई हत्या

सारांश

गाजीपुर में होटल व्यवसायी के बेटे की हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं — यह एक परिवार की उस व्यवस्था से लड़ाई है जो कथित तौर पर गिरोह को संरक्षण दे रही है। ₹1 करोड़ की वसूली माँग से शुरू हुई यह कहानी अब पुलिस-गिरोह सांठगांठ के गंभीर आरोपों तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

विनीत राय की चार नकाबपोश हमलावरों ने गाजीपुर, कोतवाली थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी।
मृतक के पिता आलोक राय का आरोप — आरोपियों ने पहले ₹20 लाख , फिर ₹1 करोड़ की जबरन वसूली माँगी थी।
मुख्य संदिग्ध जाँचकर्ताओं के अनुसार कथित 'कटरा गिरोह' से जुड़ा है; ग्राम प्रधान के भाई पर भी सरगना होने का आरोप।
आलोक राय ने डीजीपी , एडीजी वाराणसी , एसपी कोतवाली और मुख्यमंत्री को पहले ही आवेदन दिए थे — कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार ने आरोपियों के एनकाउंटर और कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की माँग की।
कोतवाली क्षेत्र में कथित तौर पर लगभग 20 ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें से केवल 2-3 में एफआईआर दर्ज हुई।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक होटल व्यवसायी के बेटे विनीत राय की चार नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। रविवार, 1 जून को मृतक के पिता आलोक राय ने सीधे आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिसकर्मी कथित 'कटरा गिरोह' के साथ मिलीभगत में हैं और उन्होंने डीजीपी, एडीजी वाराणसी, एसपी कोतवाली तथा मुख्यमंत्री को पहले भी आवेदन भेजे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मुख्य घटनाक्रम

घटना से दो दिन पूर्व चार नकाबपोश बदमाशों ने विनीत राय पर गोलियाँ चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जाँचकर्ताओं के अनुसार, मुख्य संदिग्ध कथित 'कटरा गिरोह' से जुड़ा हुआ है। आलोक राय ने बताया कि आरोपी का घर उनके होटल से मात्र 100 मीटर उत्तर में स्थित है और होटल के ठीक पीछे ग्राम प्रधान का घर है, जिसका भाई भी इस गिरोह का कथित सरगना बताया जाता है।

जबरन वसूली की पृष्ठभूमि

आलोक राय के अनुसार, आरोपियों ने पहले होटल संचालन की अनुमति के एवज में ₹20 लाख की माँग की, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1 करोड़ कर दिया गया। परिवार ने कोई भी रकम देने से इनकार कर दिया और होटल बंद करने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि इसी इनकार के बाद यह हत्या अंजाम दी गई।

पुलिस पर मिलीभगत के आरोप

आलोक राय ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर गिरोह को काम करने में सक्रिय सहायता की। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम प्रधान गिरोह के सदस्यों को पनाह देता है। उनके अनुसार, कोतवाली इलाके में ऐसी लगभग 20 घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें से केवल दो-तीन मामलों में ही एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इलाके के अधिकांश अपराधों की जड़ में जबरन वसूली है।

परिवार की माँगें

मृतक के पिता ने माँग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और कटरा गिरोह के सदस्यों के कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाए। उनका दावा है कि गाजीपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और पुलिस-गिरोह सांठगांठ के आरोप राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं। गौरतलब है कि आलोक राय ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को रिमाइंडर भेजे थे, फिर भी कोई निवारक कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गाजीपुर जैसे मामले यह सवाल उठाते हैं कि क्या यह कार्रवाई चुनिंदा और प्रतिक्रियाशील है — न कि निवारक। पुलिस-गिरोह सांठगांठ के आरोप सत्यापित नहीं हैं, लेकिन जब पीड़ित परिवार डीजीपी स्तर तक लिखित शिकायत देने के बावजूद बेबस रहे, तो जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित नहीं छोड़ा जा सकता।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजीपुर हत्याकांड में क्या हुआ?
गाजीपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में होटल व्यवसायी के बेटे विनीत राय की चार नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक के पिता आलोक राय के अनुसार, यह हत्या ₹1 करोड़ की जबरन वसूली माँग ठुकराने के बाद की गई।
कटरा गिरोह क्या है और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
जाँचकर्ताओं के अनुसार मुख्य संदिग्ध कथित 'कटरा गिरोह' से जुड़ा है। आलोक राय का दावा है कि इस गिरोह का सरगना स्थानीय ग्राम प्रधान का भाई है और ग्राम प्रधान गिरोह के सदस्यों को पनाह देता है।
मृतक के पिता ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
आलोक राय ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर गिरोह को सक्रिय सहायता दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने डीजीपी, एडीजी वाराणसी, एसपी कोतवाली और मुख्यमंत्री को पहले ही लिखित आवेदन और रिमाइंडर भेजे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
परिवार ने क्या माँगें रखी हैं?
मृतक के पिता ने माँग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और कटरा गिरोह के सदस्यों के कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाए। उन्होंने गाजीपुर में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया।
क्या इस इलाके में पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
आलोक राय के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में ऐसी लगभग 20 घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें से केवल दो-तीन मामलों में ही एफआईआर दर्ज की गई। उनका कहना है कि इलाके में होने वाले अधिकांश अपराधों की जड़ में जबरन वसूली है।
राष्ट्र प्रेस
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