21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गाजीपुर एनकाउंटर की होगी जांच: मंत्री संजय निषाद बोले — 'अपराधियों की कोई जाति नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गाजीपुर एनकाउंटर की होगी जांच: मंत्री संजय निषाद बोले — 'अपराधियों की कोई जाति नहीं'

सारांश

गाजीपुर एनकाउंटर विवाद में यूपी के मंत्री संजय निषाद ने खुद जांच की मांग उठाई और कहा — 'अपराधियों की कोई जाति नहीं।' सपा के जातिगत आरोपों के बीच यह बयान सत्तारूढ़ खेमे के भीतर से उठी असहजता का संकेत है।

मुख्य बातें

यूपी कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 5 जून 2026 को सीतापुर में गाजीपुर एनकाउंटर की जांच का आश्वासन दिया।
मंत्री ने कहा — 'अपराधियों की कोई जाति नहीं'; आरोपियों को सरेंडर का मौका दिया जाना चाहिए था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर पीड़ित परिवार की मदद और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन।
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह का आरोप — यूपी में जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर हो रहे हैं।
मारे गए कमलेश चौधरी के अलावा तीन आरोपी अभी भी फरार।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 5 जून 2026 को सीतापुर में स्पष्ट किया कि गाजीपुर होटल मालिक हत्याकांड और उससे जुड़े एनकाउंटर की जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। सदर विधानसभा स्थित भूमिका मीटिंग हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता जताई और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर बात हो चुकी है।

मंत्री का बयान: जाति से नहीं, अपराध से होगी पहचान

समाजवादी पार्टी के एनकाउंटर पर जातिगत आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा, 'अपराधियों की कोई जाति नहीं होती।' उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों को आत्मसमर्पण का अवसर दिया जाना चाहिए था — 'अगर पुलिस कोर्ट के सामने ही खड़ी रहेगी तो आरोपी सरेंडर कैसे करेगा? उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा जाना चाहिए और फिर रिमांड पर लिया जाना चाहिए।' यह बयान एनकाउंटर की परिस्थितियों पर उनकी स्वयं की आपत्ति को रेखांकित करता है।

सपा के आरोप और विवाद की पृष्ठभूमि

समाजवादी पार्टी ने इस मामले में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वालों को कमर के ऊपर गोली मारी जा रही है।' सपा का आरोप है कि मारे गए कमलेश चौधरी को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह पिछड़े वर्ग से थे और सपा कार्यकर्ता भी थे। गौरतलब है कि इस मामले के तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और जांच का आश्वासन

मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश के हर नागरिक को बोलने, न्याय पाने और सम्मान पाने का अधिकार है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत के बाद पीड़ित पक्ष की हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

सीतापुर कार्यक्रम और संगठनात्मक संदेश

मंत्री संजय निषाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि सीतापुर के भूमिका मीटिंग हॉल में समर्पित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का स्नेह और विश्वास संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम में संगठन की मजबूती, समाज के उत्थान और जनहित के संकल्प पर विस्तार से चर्चा हुई।

आगे क्या होगा

मंत्री के जांच के आश्वासन के बाद अब नज़र इस बात पर है कि जांच किस एजेंसी को सौंपी जाती है और क्या फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र होती है। सपा के आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है और विपक्ष इसे विधानसभा तक ले जाने की तैयारी में बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से एनकाउंटर की प्रक्रिया पर उठा एक असामान्य सवाल है — जिसे मुख्यधारा की कवरेज में पर्याप्त महत्व नहीं मिला। यह ऐसे समय में आया है जब सपा जातिगत एनकाउंटर के आरोपों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पीडीए राजनीति के केंद्र में रखने की कोशिश कर रही है। असली परीक्षा यह है कि जांच स्वतंत्र होगी या नहीं — और फरार तीन आरोपियों का क्या होता है, यह इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजीपुर एनकाउंटर मामला क्या है?
गाजीपुर में एक होटल मालिक की हत्या के मामले में पुलिस एनकाउंटर हुआ, जिसमें कथित तौर पर आरोपी कमलेश चौधरी मारे गए। तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह एनकाउंटर जातिगत आधार पर किया गया।
मंत्री संजय निषाद ने एनकाउंटर पर क्या कहा?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि 'अपराधियों की कोई जाति नहीं होती' और एनकाउंटर की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों को पहले सरेंडर का मौका दिया जाना चाहिए था।
सपा ने गाजीपुर एनकाउंटर पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। सपा का कहना है कि कमलेश चौधरी को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह पिछड़े वर्ग से थे और सपा कार्यकर्ता भी थे।
क्या गाजीपुर एनकाउंटर की जांच होगी?
मंत्री संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
गाजीपुर मामले में अभी तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
एनकाउंटर में कमलेश चौधरी की मौत हुई, जबकि मामले के तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले