गाजीपुर एनकाउंटर की होगी जांच: मंत्री संजय निषाद बोले — 'अपराधियों की कोई जाति नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 5 जून 2026 को सीतापुर में स्पष्ट किया कि गाजीपुर होटल मालिक हत्याकांड और उससे जुड़े एनकाउंटर की जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। सदर विधानसभा स्थित भूमिका मीटिंग हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता जताई और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर बात हो चुकी है।
मंत्री का बयान: जाति से नहीं, अपराध से होगी पहचान
समाजवादी पार्टी के एनकाउंटर पर जातिगत आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा, 'अपराधियों की कोई जाति नहीं होती।' उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों को आत्मसमर्पण का अवसर दिया जाना चाहिए था — 'अगर पुलिस कोर्ट के सामने ही खड़ी रहेगी तो आरोपी सरेंडर कैसे करेगा? उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा जाना चाहिए और फिर रिमांड पर लिया जाना चाहिए।' यह बयान एनकाउंटर की परिस्थितियों पर उनकी स्वयं की आपत्ति को रेखांकित करता है।
सपा के आरोप और विवाद की पृष्ठभूमि
समाजवादी पार्टी ने इस मामले में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वालों को कमर के ऊपर गोली मारी जा रही है।' सपा का आरोप है कि मारे गए कमलेश चौधरी को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह पिछड़े वर्ग से थे और सपा कार्यकर्ता भी थे। गौरतलब है कि इस मामले के तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और जांच का आश्वासन
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि देश के हर नागरिक को बोलने, न्याय पाने और सम्मान पाने का अधिकार है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत के बाद पीड़ित पक्ष की हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
सीतापुर कार्यक्रम और संगठनात्मक संदेश
मंत्री संजय निषाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि सीतापुर के भूमिका मीटिंग हॉल में समर्पित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का स्नेह और विश्वास संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम में संगठन की मजबूती, समाज के उत्थान और जनहित के संकल्प पर विस्तार से चर्चा हुई।
आगे क्या होगा
मंत्री के जांच के आश्वासन के बाद अब नज़र इस बात पर है कि जांच किस एजेंसी को सौंपी जाती है और क्या फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र होती है। सपा के आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है और विपक्ष इसे विधानसभा तक ले जाने की तैयारी में बताया जा रहा है।