गाजीपुर एनकाउंटर पर मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान: 'पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हूं, जांच होनी चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 6 जून को गाजीपुर में हुए कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एनकाउंटर के बाद ग्रामीणों ने पथराव किया और मृतक की पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित परिवार के आरोप और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
मंत्री निषाद ने बताया कि कमलेश बिंद की पत्नी का आरोप है कि एनकाउंटर से पहले उनके पति को उनके सामने ही उठाया गया और पीटा गया। उन्होंने कहा कि जब पत्नी ऐसे संगीन आरोप लगा रही हो और ग्रामीणों ने पत्थरबाजी जैसी तीखी प्रतिक्रिया दी हो, तो यह मामला जांच से परे नहीं रह सकता। उनके अनुसार, पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर जांच होनी चाहिए।
कानूनी प्रक्रिया और मुख्य आरोपी पर सवाल
निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, लेकिन यदि कमलेश बिंद ने कोई अपराध किया था, तो सजा कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए मिलनी चाहिए — यह तय करना कानून का काम है, किसी और का नहीं। उन्होंने यह भी उठाया कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद कहीं से भी मुख्य आरोपी नहीं था, फिर भी उसका एनकाउंटर हुआ, जबकि मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की गई।
रासुका की धमकी पर कड़ी आपत्ति
मंत्री ने पुलिस के उस बयान पर भी तीखी आपत्ति जताई जिसमें कहा गया कि पत्थरबाजी करने वालों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) लगाया जाएगा। उन्होंने इसे दहशत फैलाने का प्रयास बताते हुए कहा — 'मैं सामाजिक नेता हूं, तो सबसे पहले मेरे ऊपर रासुका लगाएं।' उन्होंने यह भी सवाल किया कि मृतक के शव को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल क्यों नहीं तैनात किया गया।
कोर्ट जाने की चेतावनी और व्यक्तिगत अनुभव
निषाद ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वे गाजीपुर एसपी के खिलाफ न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे। उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे खुद फर्जी मुकदमे और पुलिस प्रताड़ना के भुक्तभोगी रहे हैं। उन्होंने 7 जून 2015 के कसरवल आंदोलन का उल्लेख किया, जब कथित तौर पर समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान निहत्थे लोगों पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा — 'समाज के साथ मैं पहले भी था, आज भी हूं और कल भी खड़ा रहूंगा।'
आगे क्या होगा
मंत्री संजय निषाद की इस मुखर आलोचना के बाद गाजीपुर एनकाउंटर मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर दबाव में आ गया है। पीड़ित परिवार के आरोपों और स्वयं सत्तारूढ़ गठबंधन के एक मंत्री की असंतुष्टि को देखते हुए यह देखना अहम होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में जांच के आदेश देती है या नहीं।