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गाजीपुर एनकाउंटर पर मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान: 'पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हूं, जांच होनी चाहिए'

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गाजीपुर एनकाउंटर पर मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान: 'पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हूं, जांच होनी चाहिए'

सारांश

सत्तारूढ़ गठबंधन के मंत्री संजय निषाद ने गाजीपुर पुलिस को ही कटघरे में खड़ा कर दिया — कमलेश बिंद एनकाउंटर पर जांच की मांग, रासुका की धमकी पर तीखा पलटवार, और गाजीपुर एसपी के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी। यह बयान सरकार के भीतर असहमति का दुर्लभ संकेत है।

मुख्य बातें

मंत्री संजय निषाद ने 6 जून को गाजीपुर कमलेश बिंद एनकाउंटर पर पुलिस कार्रवाई को गलत बताया।
कमलेश बिंद की पत्नी का आरोप — एनकाउंटर से पहले पति को सामने से उठाया गया और पीटा गया।
निषाद ने कहा कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश मुख्य आरोपी नहीं था, फिर भी उसका एनकाउंटर हुआ।
पुलिस की रासुका लगाने की धमकी पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई, खुद पर रासुका लगाने की चुनौती दी।
जरूरत पड़ने पर गाजीपुर एसपी के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी दी।
7 जून 2015 के कसरवल आंदोलन में निहत्थों पर गोली चलाने का हवाला देते हुए खुद को पुलिस प्रताड़ना का भुक्तभोगी बताया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने 6 जून को गाजीपुर में हुए कमलेश बिंद एनकाउंटर मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एनकाउंटर के बाद ग्रामीणों ने पथराव किया और मृतक की पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित परिवार के आरोप और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

मंत्री निषाद ने बताया कि कमलेश बिंद की पत्नी का आरोप है कि एनकाउंटर से पहले उनके पति को उनके सामने ही उठाया गया और पीटा गया। उन्होंने कहा कि जब पत्नी ऐसे संगीन आरोप लगा रही हो और ग्रामीणों ने पत्थरबाजी जैसी तीखी प्रतिक्रिया दी हो, तो यह मामला जांच से परे नहीं रह सकता। उनके अनुसार, पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर जांच होनी चाहिए।

कानूनी प्रक्रिया और मुख्य आरोपी पर सवाल

निषाद ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, लेकिन यदि कमलेश बिंद ने कोई अपराध किया था, तो सजा कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए मिलनी चाहिए — यह तय करना कानून का काम है, किसी और का नहीं। उन्होंने यह भी उठाया कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद कहीं से भी मुख्य आरोपी नहीं था, फिर भी उसका एनकाउंटर हुआ, जबकि मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की गई।

रासुका की धमकी पर कड़ी आपत्ति

मंत्री ने पुलिस के उस बयान पर भी तीखी आपत्ति जताई जिसमें कहा गया कि पत्थरबाजी करने वालों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) लगाया जाएगा। उन्होंने इसे दहशत फैलाने का प्रयास बताते हुए कहा — 'मैं सामाजिक नेता हूं, तो सबसे पहले मेरे ऊपर रासुका लगाएं।' उन्होंने यह भी सवाल किया कि मृतक के शव को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल क्यों नहीं तैनात किया गया।

कोर्ट जाने की चेतावनी और व्यक्तिगत अनुभव

निषाद ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वे गाजीपुर एसपी के खिलाफ न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे। उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे खुद फर्जी मुकदमे और पुलिस प्रताड़ना के भुक्तभोगी रहे हैं। उन्होंने 7 जून 2015 के कसरवल आंदोलन का उल्लेख किया, जब कथित तौर पर समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान निहत्थे लोगों पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा — 'समाज के साथ मैं पहले भी था, आज भी हूं और कल भी खड़ा रहूंगा।'

आगे क्या होगा

मंत्री संजय निषाद की इस मुखर आलोचना के बाद गाजीपुर एनकाउंटर मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर दबाव में आ गया है। पीड़ित परिवार के आरोपों और स्वयं सत्तारूढ़ गठबंधन के एक मंत्री की असंतुष्टि को देखते हुए यह देखना अहम होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में जांच के आदेश देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में पुलिस जवाबदेही की व्यापक बहस का हिस्सा है। जब सत्तारूढ़ गठबंधन का ही एक मंत्री खुलेआम पुलिस कार्रवाई को गलत बताए और कोर्ट जाने की धमकी दे, तो यह सामान्य राजनीतिक बयानबाजी नहीं है — यह प्रशासन के भीतर गहरी दरार का संकेत है। गाजीपुर पुलिस का रासुका की धमकी देना, जबकि एनकाउंटर की परिस्थितियाँ ही संदिग्ध हैं, सवाल उठाता है कि क्या असहमति को दबाने की कोशिश हो रही है। मुख्य आरोपी को छोड़कर कथित सह-आरोपी का एनकाउंटर करना — और फिर पीड़ित परिवार के बयान को नजरअंदाज करना — उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर पहले से चले आ रहे सवालों को और गहरा करता है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजीपुर कमलेश बिंद एनकाउंटर क्या है?
गाजीपुर में पुलिस ने कमलेश बिंद का एनकाउंटर किया, जिसे विनीत राय हत्याकांड से जोड़ा गया था। मृतक की पत्नी का आरोप है कि एनकाउंटर से पहले उनके पति को उनके सामने ही उठाया गया और पीटा गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने पत्थरबाजी की।
मंत्री संजय निषाद ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि वे गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विनीत राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी का एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ और शव ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल क्यों नहीं था।
संजय निषाद ने रासुका पर क्या कहा?
पुलिस के रासुका लगाने के बयान पर मंत्री निषाद ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे दहशत फैलाने की कोशिश बताया। उन्होंने चुनौती दी कि यदि रासुका लगाना है तो सबसे पहले उन पर लगाएं।
क्या संजय निषाद कोर्ट जाएंगे?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे गाजीपुर एसपी के खिलाफ न्यायालय जाएंगे। उन्होंने खुद को फर्जी मुकदमे और पुलिस प्रताड़ना का भुक्तभोगी बताते हुए यह बयान दिया।
कसरवल आंदोलन का इस मामले से क्या संबंध है?
संजय निषाद ने 7 जून 2015 के कसरवल आंदोलन का उल्लेख करते हुए अपनी पृष्ठभूमि स्पष्ट की, जब कथित तौर पर निहत्थे लोगों पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने इसे अपने सामाजिक संघर्ष का हिस्सा बताया और कहा कि वे हमेशा समाज के साथ खड़े रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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