पुलिस को रक्षा में गोली चलाने का अधिकार, अभिरक्षा में नहीं: मंत्री संजय निषाद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 7 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ों, कमलेश बिंद की कथित हिरासत में मौत, इंडिया ब्लॉक की आंतरिक दरारों, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की यूपी पुलिस पर टिप्पणी और एलपीजी मूल्यवृद्धि पर खुलकर अपनी राय रखी। निषाद ने स्पष्ट किया कि पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलाने का अधिकार है, किंतु किसी को अभिरक्षा में मारने का अधिकार कानून नहीं देता।
कमलेश बिंद मामला और पुलिस की सीमाएँ
मंत्री संजय निषाद ने कहा, 'समाज ने हमारे ऊपर भरोसा किया है, तो मेरी राजनीतिक जिम्मेदारी है कि उनकी आवाज बनें। हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है।' कमलेश बिंद की पत्नी के आरोपों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला जाँच का विषय है।
निषाद ने कहा, 'पुलिस को रक्षा में गोली चलाने का अधिकार है, अभिरक्षा में नहीं। अपराधी को सजा देने के लिए कोर्ट है। पुलिस को चाहिए कि अपराधियों के खिलाफ कोर्ट में साक्ष्य दें और जमानत न होने दें।' उन्होंने यह भी माना कि 'बहुत सारे अधिकारी सरकार की छवि सुधार रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारी माहौल खराब कर रहे हैं।'
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि यूपी पुलिस लोकतंत्र के लिए नहीं, सरकार के लिए काम कर रही है। इस पर निषाद ने कहा, 'सभी लोग न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं और हम उन पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।'
हालाँकि उन्होंने जोड़ा कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार कई अधिकारियों की नियुक्ति समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों के दौरान हुई थी और लगभग चार से पाँच हजार परिवारों को आरक्षण का लाभ मिला है। उन्होंने स्वीकार किया कि 'कुछ पुलिस अधिकारी भाजपा सरकार की छवि खराब कर रहे हैं, यह बात कोर्ट की सही है।'
इंडिया ब्लॉक की एकजुटता पर सवाल
विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों द्वारा इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूरी बनाने पर निषाद ने कहा कि कांग्रेस लगभग 70-75 वर्षों तक सत्ता में रही और इस गठबंधन की अधिकांश पार्टियाँ मूलतः कांग्रेस की नीतियों के विरोध में बनी थीं।
उन्होंने तर्क दिया, 'पार्टियाँ भले ही एकजुट दिखाई दें, लेकिन जरूरी नहीं कि उनके विचार और विचारधाराएँ एक जैसी हों। नेतृत्व भी मायने रखता है। ऐसे गठबंधन अक्सर लंबे समय तक नहीं टिकते — कुछ ही दिनों में मतभेद पैदा हो जाते हैं और गठबंधन टूट जाता है।'
एलपीजी मूल्यवृद्धि पर सफाई
एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने पर निषाद ने वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकारों के कारण हम आत्मनिर्भर नहीं बन पाए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रहे हैं। वैश्विक संकट के कारण एलपीजी के दाम बढ़े हैं, यह देश की जनता को पता है।'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब रसोई गैस की बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं के बीच असंतोष का विषय बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में कमलेश बिंद मामले की जाँच और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।