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पुलिस को रक्षा में गोली चलाने का अधिकार, अभिरक्षा में नहीं: मंत्री संजय निषाद

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पुलिस को रक्षा में गोली चलाने का अधिकार, अभिरक्षा में नहीं: मंत्री संजय निषाद

सारांश

यूपी मंत्री संजय निषाद ने साफ कहा — पुलिस अभिरक्षा में हत्या का अधिकार किसी को नहीं। कमलेश बिंद मामले को जाँच योग्य बताते हुए उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी को आंशिक रूप से सही माना और इंडिया ब्लॉक की एकजुटता पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

मंत्री संजय निषाद ने कहा — पुलिस को रक्षा में गोली चलाने का अधिकार है, अभिरक्षा में नहीं ।
कमलेश बिंद की कथित हिरासत में मौत को निषाद ने जाँच का विषय बताया; पत्नी के आरोपों को गंभीरता से लेने की बात कही।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की टिप्पणी — 'यूपी पुलिस लोकतंत्र नहीं, सरकार के लिए काम कर रही है' — को निषाद ने आंशिक रूप से सही माना।
निषाद ने इंडिया ब्लॉक की स्थायित्व पर सवाल उठाए, कहा — कांग्रेस विरोध में बनी पार्टियाँ उसके साथ अधिक समय नहीं टिक सकतीं।
एलपीजी मूल्यवृद्धि को वैश्विक संकट का परिणाम बताया; प्रधानमंत्री मोदी की आत्मनिर्भरता नीति का समर्थन किया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 7 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ों, कमलेश बिंद की कथित हिरासत में मौत, इंडिया ब्लॉक की आंतरिक दरारों, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की यूपी पुलिस पर टिप्पणी और एलपीजी मूल्यवृद्धि पर खुलकर अपनी राय रखी। निषाद ने स्पष्ट किया कि पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलाने का अधिकार है, किंतु किसी को अभिरक्षा में मारने का अधिकार कानून नहीं देता।

कमलेश बिंद मामला और पुलिस की सीमाएँ

मंत्री संजय निषाद ने कहा, 'समाज ने हमारे ऊपर भरोसा किया है, तो मेरी राजनीतिक जिम्मेदारी है कि उनकी आवाज बनें। हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है।' कमलेश बिंद की पत्नी के आरोपों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला जाँच का विषय है।

निषाद ने कहा, 'पुलिस को रक्षा में गोली चलाने का अधिकार है, अभिरक्षा में नहीं। अपराधी को सजा देने के लिए कोर्ट है। पुलिस को चाहिए कि अपराधियों के खिलाफ कोर्ट में साक्ष्य दें और जमानत न होने दें।' उन्होंने यह भी माना कि 'बहुत सारे अधिकारी सरकार की छवि सुधार रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारी माहौल खराब कर रहे हैं।'

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि यूपी पुलिस लोकतंत्र के लिए नहीं, सरकार के लिए काम कर रही है। इस पर निषाद ने कहा, 'सभी लोग न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं और हम उन पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।'

हालाँकि उन्होंने जोड़ा कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार कई अधिकारियों की नियुक्ति समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों के दौरान हुई थी और लगभग चार से पाँच हजार परिवारों को आरक्षण का लाभ मिला है। उन्होंने स्वीकार किया कि 'कुछ पुलिस अधिकारी भाजपा सरकार की छवि खराब कर रहे हैं, यह बात कोर्ट की सही है।'

इंडिया ब्लॉक की एकजुटता पर सवाल

विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों द्वारा इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूरी बनाने पर निषाद ने कहा कि कांग्रेस लगभग 70-75 वर्षों तक सत्ता में रही और इस गठबंधन की अधिकांश पार्टियाँ मूलतः कांग्रेस की नीतियों के विरोध में बनी थीं।

उन्होंने तर्क दिया, 'पार्टियाँ भले ही एकजुट दिखाई दें, लेकिन जरूरी नहीं कि उनके विचार और विचारधाराएँ एक जैसी हों। नेतृत्व भी मायने रखता है। ऐसे गठबंधन अक्सर लंबे समय तक नहीं टिकते — कुछ ही दिनों में मतभेद पैदा हो जाते हैं और गठबंधन टूट जाता है।'

एलपीजी मूल्यवृद्धि पर सफाई

एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने पर निषाद ने वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकारों के कारण हम आत्मनिर्भर नहीं बन पाए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रहे हैं। वैश्विक संकट के कारण एलपीजी के दाम बढ़े हैं, यह देश की जनता को पता है।'

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब रसोई गैस की बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं के बीच असंतोष का विषय बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में कमलेश बिंद मामले की जाँच और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साथ ही पुराने शासन में हुई नियुक्तियों पर दोष मढ़ना एक परिचित राजनीतिक पैंतरा है। असली सवाल यह है कि क्या कमलेश बिंद मामले में स्वतंत्र जाँच होगी या यह बयानबाजी तक सीमित रहेगा — क्योंकि जवाबदेही के बिना 'जाँच का विषय' महज एक टालने की रणनीति बन जाती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने पुलिस एनकाउंटर पर क्या कहा?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलाने का कानूनी अधिकार है, लेकिन किसी को अभिरक्षा में मारने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए अदालत मौजूद है और पुलिस का काम साक्ष्य पेश करना है।
कमलेश बिंद कौन थे और उनका मामला क्या है?
कमलेश बिंद उत्तर प्रदेश में एक पुलिस एनकाउंटर में मारे गए व्यक्ति हैं। उनकी पत्नी का आरोप है कि उन्हें पुलिस अभिरक्षा में मारा गया। मंत्री संजय निषाद ने इसे जाँच का विषय बताया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी पुलिस पर क्या टिप्पणी की?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि यूपी पुलिस लोकतंत्र के लिए नहीं, बल्कि सरकार के लिए काम कर रही है। मंत्री निषाद ने इस टिप्पणी को आंशिक रूप से सही माना, हालाँकि उन्होंने न्यायालय के आदेशों के प्रति सम्मान भी जताया।
इंडिया ब्लॉक की बैठकों से दूरी पर निषाद का क्या मत है?
निषाद ने कहा कि इंडिया ब्लॉक की अधिकांश पार्टियाँ मूलतः कांग्रेस की नीतियों के विरोध में बनी थीं, इसलिए उनकी एकजुटता दीर्घकालिक नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि विचारधारागत मतभेद ऐसे गठबंधनों को जल्द तोड़ देते हैं।
एलपीजी की कीमतें क्यों बढ़ीं और सरकार का क्या कहना है?
मंत्री निषाद ने एलपीजी मूल्यवृद्धि के लिए वैश्विक संकट को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने पिछली सरकारों की नीतियों को भी इस स्थिति के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार बताया।
राष्ट्र प्रेस
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