क्या दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हत्या मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया?

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क्या दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हत्या मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया?

सारांश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एक खतरनाक आरोपी जो हत्या के मामले में लंबे समय से फरार था, को तुगलकाबाद से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी में पुलिस की तकनीकी जानकारी और गुप्त सूचना का बड़ा योगदान रहा। जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

क्राइम ब्रांच की तकनीकी जानकारी ने गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आरोपी ने अदालत की कार्यवाही से बचने का प्रयास किया।
गिरफ्तारी से पहले आरोपी सालों से फरार था।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से समाज में कानून व्यवस्था की उम्मीद बनी है।
भलस्वा डेयरी हत्याकांड के आरोपी की भी गिरफ्तारी हुई।

नई दिल्ली, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसमें उन्होंने एक खतरनाक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से हत्या के मामले में वांछित था।

गिरफ्तार किए गए 52 वर्षीय मोहम्मद समसाद आलम को तुगलकाबाद क्षेत्र से पकड़ा गया है। आरोपी सालों से अदालत की कार्यवाही से बचता रहा और उसे पहले से ही घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया जा चुका था।

पुलिस के अनुसार, समसाद आलम एफआईआर संख्या 738/2016 में वांछित था, जो थाना गोविंदपुरी, दिल्ली के अंतर्गत धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य नष्ट करना) आईपीसी के तहत दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले कई वर्षों से विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा और उसने अदालत की कई समन और नोटिसों को नजरअंदाज कर दिया।

9 सितंबर की रात, इंस्पेक्टर वीर सिंह के नेतृत्व में सेंट्रल रेंज क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी का पता लगाया। इस ऑपरेशन में एसआई अबोध शर्मा, एएसआई दीपचंद, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल विनोद, हेड कांस्टेबल मनोज और कांस्टेबल सुमित शामिल थे। हेड कांस्टेबल संदीप ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जांच कौशल और तकनीकी जानकारी के कारण टीम आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने में सफल रही। जैसे ही आरोपी तुगलकाबाद स्थित अपने घर में दाखिल हुआ, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में मोहम्मद समसाद आलम ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह जानबूझकर अदालत से बचता रहा और नोटिसों को नजरअंदाज करता रहा।

एक अन्य कार्यवाही में, 9 और 10 सितंबर की रात, क्राइम ब्रांच ने भलस्वा डेयरी हत्याकांड के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन के पास से की गई। आरोपी वकील मलिक पिछले एक साल से पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी से बच रहा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे अभियुक्तों की गिरफ्तारी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में पुलिस की सक्रियता और तकनीकी कौशल हमारे न्याय प्रणाली की सच्चाई को दर्शाते हैं। यह घटना समाज में विश्वास जगाने वाली है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद समसाद आलम को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
उन्हें हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो एफआईआर संख्या 738/2016 के तहत दर्ज है।
आरोपी कितने समय से फरार था?
आरोपी कई वर्षों से फरार था और उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
कौन-कौन से पुलिसकर्मी इस ऑपरेशन में शामिल थे?
इस ऑपरेशन में इंस्पेक्टर वीर सिंह, एसआई अबोध शर्मा, एएसआई दीपचंद, हेड कांस्टेबल संदीप, विनोद, मनोज और कांस्टेबल सुमित शामिल थे।
क्या आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की?
हाँ, गिरफ्तार करने के बाद आरोपी ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
राष्ट्र प्रेस
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