8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली विस्फोट में हर्षुल सेतिया ने अपने परिजनों को बताया आंखों देखा हाल?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली विस्फोट में हर्षुल सेतिया ने अपने परिजनों को बताया आंखों देखा हाल?

सारांश

दिल्ली में लाल किले के पास हुए एक भयानक विस्फोट के बाद गदरपुर निवासी हर्षुल सेतिया ने अपने अनुभव साझा किए। उनकी मां ने इस घटना के दौरान की भयावहता का वर्णन किया। जानें, हर्षुल और उनके परिवार ने कैसे इस कठिन समय का सामना किया।

मुख्य बातें

हर्षुल सेतिया का विस्फोट के समय का अनुभव भयावह था।
अस्पताल में स्थिति गंभीर थी।
हर्षुल की शादी फरवरी में है।
परिवार ने संकट के समय एक-दूसरे का सहारा लिया।
सरकार ने भी सहायता प्रदान की।

गदरपुर, १२ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम को हुई एक कार विस्फोट में घायल हुए उत्तराखंड के गदरपुर निवासी हर्षुल सेतिया ने एलएनजेपी अस्पताल से छुट्टी लेकर घर वापसी की है।

हर्षुल सेतिया की माता अंजू सेतिया ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए विस्फोट के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, "आग लग रही थी और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे। जब मैं बाहर गई, तो मैंने देखा कि मेरा बेटा घायल हो गया है। मेरी बहू ने किसी का स्कूटर लेकर उसे अस्पताल पहुंचाया। हम रात एक बजे अस्पताल पहुंचे। धमाके में मेरी अपनी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई।"

उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे की फरवरी में शादी है। वे शादी की खरीदारी के लिए आए थे, लेकिन खरीदारी पूरी नहीं हुई और चांदनी चौक से नोएडा वापस जा रहे थे जब यह घटना घटी। "हम सभी अपनी गाड़ी के अंदर थे, लेकिन मेरा बेटा बाहर था। धमाका इतना तेज था कि हमारी कार के शीशे टूट गए। किसी तरह से हम सभी की जान बच गई।"

अंजू सेतिया ने कहा कि अस्पताल की स्थिति बहुत गंभीर थी। "किसी का हाथ जल गया था, किसी का पैर। हमने पहले कभी ऐसी घटना नहीं देखी।"

हर्षुल सेतिया के पिता संजीव सेतिया ने कहा, "मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेरे बेटे का हालचाल पूछा। छुट्टी के समय हमें सीएमओ कार्यालय से भी मदद मिली। इस कठिन समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं उनका आभारी हूं। मेरा बेटा अब घर पर सुरक्षित है। मेरे दूसरे बेटे ने मुझे पूरी घटना की जानकारी दी।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने अपने जान-पहचान वालों को फोन करके मदद मांगी थी और सभी की सहायता से मेरा बेटा अब सही सलामत घर लौट आया है। फरवरी में उसकी शादी होनी है। केंद्र और राज्य सरकार से हमें बहुत मदद मिली है, इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे समाज में सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करती है। ऐसे विस्फोट न केवल व्यक्तियों को प्रभावित करते हैं, बल्कि समाज की सुरक्षा और शांति को भी खतरे में डालते हैं। हमें इस तरह की घटनाओं के प्रति सजग रहना चाहिए और सरकार से अपेक्षा करनी चाहिए कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में विस्फोट कब हुआ?
दिल्ली में विस्फोट सोमवार, 12 नवंबर को हुआ।
हर्षुल सेतिया कौन है?
हर्षुल सेतिया उत्तराखंड के गदरपुर निवासी हैं, जो इस विस्फोट में घायल हुए थे।
हर्षुल की मां ने क्या कहा?
हर्षुल की मां ने कहा कि विस्फोट के समय आग लग रही थी और लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे।
हर्षुल का अस्पताल में अनुभव कैसा था?
हर्षुल के माता-पिता ने अस्पताल की स्थिति को बहुत खराब बताया।
क्या हर्षुल की शादी होने वाली है?
हाँ, हर्षुल की शादी फरवरी में होने वाली है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले