क्या दिल्ली की अदालतों में वकीलों की हड़ताल स्थगित हो गई?

सारांश
Key Takeaways
- 6 दिन
- वकीलों की मांगों को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।
- लिखित आश्वासन के बाद ही हड़ताल स्थगित हुई।
- केंद्रीय गृह मंत्री से संवाद स्थापित किया गया।
- इस मुद्दे का समाधान आवश्यक है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के विरुद्ध पिछले 6 दिनों से चल रही निचली अदालतों की हड़ताल गुरुवार को स्थगित कर दी गई है। नई दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव और वकील तरुण राणा ने हड़ताल के स्थगित होने की जानकारी साझा की।
यह हड़ताल दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना द्वारा 13 अगस्त 2025 को जारी एक अधिसूचना के विरोध में शुरू की गई थी, जिसमें पुलिस अधिकारियों को थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों में सबूत पेश करने की अनुमति दी गई। इस निर्णय के विरोध में पिछले छह दिनों से निचली अदालतों में हड़ताल चल रही थी, जिसका समर्थन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी किया।
हालांकि, गुरुवार को वकीलों की इस हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। तरुण राणा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हमने अपनी हड़ताल को खत्म नहीं किया, बल्कि इसे स्थगित किया है। यह निर्णय लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया गया है। हमारी मांग थी कि उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना को वापस लिया जाए।"
राणा ने कहा, "हमें आश्वासन दिया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हमारी मांगों पर बार के लीडर्स के साथ बैठक करेंगे। हमें यह भी बताया गया है कि अगली बैठक तक इस अधिसूचना पर अमल नहीं होगा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद हमने हड़ताल को सस्पेंड किया है।"