29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आप जानना चाहेंगे ज्ञान की देवी के स्वागत की तैयारी के बारे में?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आप जानना चाहेंगे ज्ञान की देवी के स्वागत की तैयारी के बारे में?

सारांश

दिल्ली के मेहरौली-बदरपुर रोड पर बसंत पंचमी के त्योहार के लिए मां सरस्वती की मूर्तियों की खरीदारी के दौरान भारी भीड़ नजर आई। श्रद्धालु उत्साह के साथ इस पावन अवसर की तैयारी कर रहे हैं। क्या आपने भी मां सरस्वती की पूजा की तैयारी की है?

मुख्य बातें

बसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान और विद्या का प्रतीक है।
दिल्ली के मेहरौली-बदरपुर रोड पर मूर्ति बाजार में भारी भीड़ है।
श्रद्धालु मां सरस्वती की पूजा के लिए प्राकृतिक मूर्तियां खरीद रहे हैं।
यह पर्व नई शुरुआत और बसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है।
मूर्तिकार अपनी मेहनत के अनुसार मूर्तियों के दाम रखते हैं।

नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूरे देश में बसंत पंचमी का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 23 जनवरी को मां सरस्वती की पूजा का यह शुभ अवसर है, जिसके लिए लोग जोश-खरोश के साथ तैयारियों में जुटे हैं। दिल्ली में सरस्वती माता की मूर्तियां खरीदने की धूम मची हुई है।

मेहरौली-बदरपुर रोड पर स्थित मूर्ति बाजार में पर्व से एक दिन पहले भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान लोग अपनी पसंद की खूबसूरत और प्राकृतिक मूर्तियां चुनने में जुटते नजर आए।

बाजार में मौजूद खरीदारों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यहां पर उपलब्ध मूर्तियां काफी अच्छी और प्राकृतिक हैं।

एक खरीदार ने कहा, "हमने यहां से नेचुरल मूर्तियां खरीदी हैं। शुक्रवार को बसंत पंचमी के मौके पर हम सभी लोग माता रानी की पूजा-अर्चना करेंगे। केवल इस साल ही नहीं, बल्कि हर साल हम सभी लोग मां सरस्वती की पूजा करते हैं।"

एक अन्य खरीदार ने अपनी मन की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "मां सरस्वती हमारी ज्ञान की देवी हैं। वे हमें बुद्धि, विद्या और समझ प्रदान करती हैं, इसलिए इस पर्व पर हम उनकी पूजा करते हैं। ऐसा हम कई सालों से करते आ रहे हैं। कम से कम 4-5 साल से तो नियमित रूप से यहां आते हैं।"

उन्होंने मूर्तियों के दाम बढ़ने पर कहा, "मूर्तिकार मूर्तियां बनाने में बहुत मेहनत करते हैं। वे अपनी मेहनत के हिसाब से मूर्तियों के दाम रखते हैं। कभी-कभी मूर्तियां सस्ती भी मिल जाती हैं, तो कभी थोड़ी महंगी भी होती हैं, लेकिन यहां हर तरह की अच्छी मूर्तियां उपलब्ध हैं। लोग अपनी सुविधा के अनुसार पहले भी आते हैं और बाद में भी आते हैं। हम तो कई सालों से इसी बाजार से मूर्तियां लेते आ रहे हैं। यहां की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है।"

बसंत पंचमी को विद्या, विवेक और नई शुरुआत का पर्व माना जाता है। इस दिन माता सरस्वती की विशेष पूजा का विधान है। श्रद्धालु सुबह शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना और ज्ञान की प्राप्ति की कामना करते हैं। इसी के साथ ही मान्यता है कि यह त्योहार बसंत ऋतु की शुरुआत का भी प्रतीक है, जिसमें लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं और नई शुरुआत की कामना करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक नई शुरुआत का भी संकेत देता है। इस अवसर पर श्रद्धालु मां सरस्वती की पूजा करते हैं और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। दिल्ली में मूर्तियों की खरीदारी की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति कितने जागरूक हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसंत पंचमी का महत्व क्या है?
बसंत पंचमी को मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जो ज्ञान, विद्या और बुद्धि की देवी मानी जाती हैं। यह पर्व नई शुरुआत और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
क्या दिल्ली में मूर्तियां खरीदने के लिए विशेष बाजार हैं?
जी हां, दिल्ली में मेहरौली-बदरपुर रोड पर मूर्ति बाजार है, जहां विभिन्न प्रकार की मां सरस्वती की मूर्तियां उपलब्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले