एलपीजी संकट के कारण इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग में वृद्धि, कंपनियों के शेयरों में उछाल
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी संकट के कारण इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग बढ़ी।
- बड़ी कंपनियों के शेयरों में उछाल आया।
- विशेषज्ञों ने इंडक्शन स्टोव के उपयोग पर जोर दिया।
- सरकार को एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
- रेस्तरां को ईंधन संरक्षण के उपायों को अपनाना होगा।
मुंबई, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी की कमी की खबरों के बाद, देश में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे बुधवार को होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी तेजी आई।
बटरफ्लाई गांधीमथी अप्लायंसेज के शेयर ने इंट्राडे में दोपहर 12:45 बजे 7.93 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 651 रुपए पर कारोबार किया, जबकि दिन के दौरान शेयर ने 660 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।
टीटीके प्रेस्टीज का शेयर 9.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 530 रुपए पर था और इसने 556 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।
पिजन नाम से प्रोडक्ट्स बेचने वाली स्टोव क्राफ्ट कंपनी का शेयर 5.05 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 510 रुपए पर था, जबकि कारोबार में इसने 525 रुपए का उच्चतम स्तर देखा।
इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी संकट के मद्देनजर शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
सीईईडब्ल्यू के फेलो अभिषेक कार ने बताया कि भारत अपनी एलपीजी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक पश्चिम एशिया के देशों से आता है।
कार ने सुझाव दिया, "घरेलू खाना पकाने के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना पहला महत्वपूर्ण कदम है। सरकार को अब एलपीजी सब्सिडी के 'गिव इट अप' अभियान की तर्ज पर एक नया अभियान शुरू करना चाहिए, जो उन परिवारों को लक्षित करे जिनके पास इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव हैं। इससे घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम होगा।"
इसके अलावा, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने अपने सदस्यों से एलपीजी की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रेस्तरां को ऐसे मेनू पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिसमें कम गैस की खपत हो।
एनआरएआई ने कहा, "मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो गया है। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो रेस्तरां उद्योग को परिचालन संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।"
उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया है कि वे ईंधन संरक्षण और परिचालन निरंतरता के उपायों को तुरंत अपनाएं।