क्या ग्रैप-4 में घोटाले का आरोप सही है? सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को घेरा

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क्या ग्रैप-4 में घोटाले का आरोप सही है? सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को घेरा

सारांश

दिल्ली में ग्रैप-4 के तहत कड़े नियम लागू होने के बावजूद सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि रिश्वत के चलते निर्माण सामग्री से भरे ट्रकों को प्रवेश दिया जा रहा है, जिससे प्रदूषण की समस्या और बढ़ गई है। क्या यह मामला दब जाएगा?

Key Takeaways

  • ग्रैप-4 के तहत कड़े नियम लागू हैं।
  • सौरभ भारद्वाज ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • दिल्ली पुलिस रिश्वत के आरोपों में घिरी है।
  • प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है।
  • आम आदमी पार्टी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भीषण प्रदूषण की चपेट में है। जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया, तब दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 के सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिनके तहत निर्माण कार्य और निर्माण सामग्री से भरे ट्रकों के प्रवेश पर कड़ी पाबंदी है।

आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि इन सख्त नियमों के बावजूद दिल्ली पुलिस खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रही है और रिश्वत लेकर निर्माण सामग्री से भरे ट्रकों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

सोमवार को, सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो साझा करते हुए भाजपा और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस ग्रैप-4 के दौरान भी कथित रूप से “घोटाला” कर रही है। सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि रविवार रात भर दिल्ली की सीमाओं पर पुलिसकर्मी रिश्वत लेकर ट्रकों को अंदर आने देते रहे, जिससे न केवल ग्रैप-4 के नियमों की धज्जियाँ उड़ गईं, बल्कि प्रदूषण और भी बढ़ता चला गया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब दिल्लीवासी प्रदूषण के कारण सांस लेने में तकलीफ झेल रहे हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों की सेहत खतरे में है, तब पुलिस का यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद पैसों के लालच में प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों को रात के अंधेरे में शहर में घुसने दिया गया और पूरी रात निर्माण कार्य चलता रहा। उन्होंने दावा किया कि साझा किए गए वीडियो और सीसीटीवी फुटेज से यह साफ होता है कि एक ही रात में कम से कम 300 निर्माण सामग्री से भरे ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई।

सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली पुलिस कमिश्नर इस मामले में जिम्मेदार डीसीपी को निलंबित करेंगे या फिर यह मामला भी दबा दिया जाएगा। एक अन्य वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रैप-4 अब प्रदूषण रोकने का नहीं, बल्कि “पुलिस की लूट” का जरिया बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माडी बॉर्डर समेत कई एंट्री पॉइंट्स से ट्रक बेरोकटोक दिल्ली में घुस रहे हैं और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने हुए हैं।

सौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता प्रदूषण से निपटने की नहीं, बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के जरिए अपने लोगों को फायदा पहुंचाने की है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Point of View

सौरभ भारद्वाज के आरोप गंभीर हैं। यदि सच हैं, तो यह न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी चुनौती देता है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि समस्या का समाधान हो और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

ग्रैप-4 क्या है?
ग्रैप-4 एक ऐसा नियम है जो दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किया जाता है।
सौरभ भारद्वाज ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस रिश्वत लेकर प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों को प्रवेश दे रही है।
क्या दिल्ली पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी?
यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सौरभ भारद्वाज ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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