क्या दिल्ली मेट्रो भारत-जापान के गौरवपूर्ण सहयोग का प्रतीक है? जापानी विदेश मंत्री ने की यात्रा

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क्या दिल्ली मेट्रो भारत-जापान के गौरवपूर्ण सहयोग का प्रतीक है? जापानी विदेश मंत्री ने की यात्रा

सारांश

जापानी विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु और राजदूत ओनो केइची की दिल्ली मेट्रो यात्रा, भारत-जापान संबंधों को मजबूती देने का प्रतीक है। यह यात्रा न केवल तकनीकी सहयोग को दर्शाती है, बल्कि दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी को भी उजागर करती है।

Key Takeaways

  • दिल्ली मेट्रो भारत-जापान संबंधों का प्रतीक है।
  • जेआईसीए ने तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है।
  • मोटेगी की यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत बनाती है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जापान के विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु ने भारत में जापानी राजदूत ओनो केइची के साथ शनिवार को दिल्ली मेट्रो में यात्रा की।

यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) द्वारा समर्थित दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। यह मोटेगी की तीन दिवसीय भारत यात्रा (15-17 जनवरी) के अंतिम दिन हुई।

केंद्रीय सचिवालय में डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय सचिवालय से पटेल चौक तक यात्रा की। पटेल चौक से वे वापस केंद्रीय सचिवालय भी पहुंचे।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों ने उन्हें मेट्रो संग्रहालय का दौरा कराया, जहां जेआईसीए के योगदान पर चर्चा हुई। जेआईसीए ने दिल्ली मेट्रो के फेज 1 से ही वित्तीय और तकनीकी सहयोग दिया है, जो अब तक का सबसे बड़ा ओडीए (ऑफिशियल डेवलपमेंट असिस्टेंस) प्रोजेक्ट है।

मोटेगी मेट्रो की सवारी करते हुए काफी प्रसन्न दिखे। राजदूत ओनो केइची ने इसे दोनों देशों की दोस्ती का जश्न बताया। उन्होंने मेट्रो की तकनीक और यात्री सुविधाओं की सराहना की।

यह यात्रा भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने का संकेत है, खासकर जब दोनों देश क्वाड गठबंधन में भागीदार हैं। जेआईसीए ने दिल्ली मेट्रो को 1997 से सपोर्ट किया है, जिसमें करोड़ों का निवेश शामिल है, जो मेट्रो को एशिया का सबसे बड़ा नेटवर्क बनाता है।

मंत्री ने दिल्ली मेट्रो के निर्माण और संचालन के विभिन्न पहलुओं में गहरी दिलचस्पी दिखाई, जो भारत-जापान दोस्ती और सहयोग का एक गौरवपूर्ण प्रतीक है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) ने फेज 1 से ही दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट को वित्तीय मदद प्रदान की है।

भारत यात्रा के दौरान जापानी विदेश मंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से भी मुलाकात की और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर चर्चा की।

मोटेगी तोशिमित्सु की भारत यात्रा मध्य पूर्व और एशिया की नौ दिवसीय यात्रा का हिस्सा है, जो 10 जनवरी से शुरू हुई थी। वे 15 जनवरी की रात दिल्ली पहुंचे और 16 जनवरी को जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर फोकस रहा।

Point of View

बल्कि दोनों देशों के बीच की मित्रता को भी मजबूत बनाने का एक कदम है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली मेट्रो परियोजना का महत्व क्या है?
दिल्ली मेट्रो परियोजना भारत-जापान के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो तकनीकी और वित्तीय सहयोग को दर्शाती है।
जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी का योगदान क्या है?
जेआईसीए ने दिल्ली मेट्रो के फेज 1 से वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा नेटवर्क बनाता है।
मोटेगी तोशिमित्सु की यात्रा का उद्देश्य क्या था?
उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत-जापान के रिश्तों को मजबूत करना और सहयोग के नए अवसरों की खोज करना था।
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