पानीपत में आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का भव्य उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन १३ मार्च को हुआ।
- समारोह में कई प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया।
- यह आयोजन आरएसएस की शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर है।
- संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा की जाएगी।
- प्रतिनिधि सभा में पिछले वर्ष के कार्यों की समीक्षा होगी।
समालखा, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आरएसएस के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंदा ने बताया कि आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने शुक्रवार को औपचारिक दीप प्रज्वलित करके अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन किया। इस आयोजन का विशेष महत्व है क्योंकि यह संगठन की शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है। इस वर्ष में आरएसएस के स्वयंसेवक संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने में जुटे हुए हैं। सभी प्रतिनिधि यहाँ उत्साह से उपस्थित हुए हैं।
सीआर मुकुंदा ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को भी संगठन द्वारा सम्मानित किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही, प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र, तमिल सिनेमा के प्रमुख व्यक्तित्व एम. सरवनन और मुरुगप्पा समूह के पूर्व नेता एम. वेलायन जैसी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को याद किया गया। उन्होंने कहा कि संघ का यह शताब्दी वर्ष है और पिछले दो-तीन वर्षों में सभी कार्यकर्ता अपने शाखा एवं कारिका विस्तार में जुटे हुए हैं, जिसके फलस्वरूप शाखा की उपस्थिति में वृद्धि हुई है।
यह जानकारी दी गई है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा इस वर्ष समालखा (पानीपत) में १३, १४ और १५ मार्च को आयोजित की जा रही है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस बात की पुष्टि की।
सुनील आंबेकर द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि संघ की दृष्टि से यह सर्वोच्च निर्णायक इकाई का सम्मेलन है। इस वर्ष की बैठक का आयोजन ग्राम विकास एवं सेवा साधना केन्द्र, पट्टीकल्याणा, समालखा में हो रहा है। इस वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष होने के चलते आयोजित विजयादशमी उत्सव, गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिक गोष्ठी, और सामाजिक सद्भाव बैठकों आदि के कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधि सभा में पिछले वर्ष 2025-26 के संघ कार्य की समीक्षा और प्रांतों में हुए विशेष कार्यों का भी उल्लेख किया जाएगा।