क्या दिल्ली-एनसीआर में ठंड, कोहरा और प्रदूषण का 'ट्रिपल अटैक' जारी रहेगा?

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क्या दिल्ली-एनसीआर में ठंड, कोहरा और प्रदूषण का 'ट्रिपल अटैक' जारी रहेगा?

सारांश

दिल्ली-एनसीआर में ठंड, कोहरा और प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और खराब वायु गुणवत्ता का असर अधिक होगा। जानिए क्या स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

Key Takeaways

  • दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति गंभीर है।
  • एक्यूआई 400 के पार पहुँच चुका है।
  • बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
  • डॉक्टरों की सलाह का पालन करें।
  • घरों से बाहर निकलने से बचें।

नोएडा, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर में मौसम और प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। ठंड की तीव्रता में लगातार वृद्धि हो रही है और न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दिनों में कड़ाके की ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा। इसके साथ ही, घना से मध्यम कोहरा और अत्यधिक खराब वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर दिए गए पूर्वानुमान के अनुसार, 26 दिसंबर से 28 दिसंबर तक दिल्ली-एनसीआर में मॉडरेट फॉग की स्थिति बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, आर्द्रता का स्तर 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जो कोहरे और स्मॉग को और भी घना बना सकता है। फिलहाल, मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं कही जा सकती।

प्रदूषण की स्थिति खतरनाक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर के कई क्षेत्रों में एक्यूआई रेड जोन में पहुंच चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 400 के ऊपर है। दिल्ली के क्षेत्रों में विवेक विहार (376), सोनिया विहार (362), वजीरपुर (355), रोहिणी (353), आनंद विहार (390), बवाना (379), चांदनी चौक (354) और डीटीयू (349) जैसे क्षेत्रों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही। वहीं, आया नगर में एक्यूआई 219 और मथुरा रोड पर 279 दर्ज किया गया है, जो कि अपेक्षाकृत कम है, लेकिन यह भी स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है।

एनसीआर के अन्य शहरों की स्थिति और भी गंभीर है। वसुंधरा और गाजियाबाद में एक्यूआई 398 तक पहुंच गया है, जबकि इंदिरापुरम (351), लोनी (354) और संजय नगर (332) में भी रेड जोन बना रहा। इसके अलावा, नोएडा में सेक्टर-125 (383), सेक्टर-116 (361), सेक्टर-1 (351) और सेक्टर-62 (308) में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रहा। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 400 और नॉलेज पार्क-3 में 354 दर्ज किया गया है, जो कि बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

गौर करने वाली बात यह है कि एनसीआर सिर्फ एक दिन ऑरेंज लेवल में जाने के बाद अगले ही दिन फिर से बेहाल हो गया और अधिकांश इलाकों में एक्यूआई रेड जोन में चला गया। ठंड, कोहरा और प्रदूषण का यह ट्रिपल अटैक बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए खतरा बढ़ा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, मास्क का इस्तेमाल करें और सुबह-शाम की सैर से बचें।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कड़ाके की ठंड के साथ-साथ जहरीली हवा और कोहरे की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।

Point of View

बल्कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट का भी संकेत है। सभी नागरिकों को इस स्थिति से अवगत रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर कितना है?
दिल्ली और एनसीआर के कई क्षेत्रों में एक्यूआई 400 के पार पहुँच चुका है, जो बेहद चिंताजनक है।
क्या लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए?
बिल्कुल, डॉक्टरों की सलाह है कि बिना जरूरत के लोग घर से बाहर न निकलें।
ठंड और कोहरे का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
ठंड और कोहरा सांस के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
क्या मौसम में सुधार की उम्मीद है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, स्थिति आने वाले दिनों में और बिगड़ सकती है।
क्या मास्क पहनना जरूरी है?
जी हां, मास्क पहनना अत्यंत आवश्यक है ताकि प्रदूषण से बचा जा सके।
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