दिल्ली-एनसीआर में 6 अक्टूबर को तेज बारिश और आँधी का अलर्ट, तापमान 4 डिग्री तक गिरेगा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इस मौसमी बदलाव के साथ अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है, जो अक्टूबर की शुरुआत में उमस से जूझ रहे निवासियों को अस्थायी राहत दे सकती है।
मुख्य मौसम पूर्वानुमान
5 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है। 6 अक्टूबर को बड़ा मौसमी उलटफेर देखने को मिल सकता है — इस दिन अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री रहने का अनुमान है।
7 अक्टूबर को आंशिक बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक आने का अनुमान है। इसके बाद 8 अक्टूबर को 33/22 डिग्री, 9 अक्टूबर को 32/23 डिग्री और 10 अक्टूबर को 32/22 डिग्री तापमान रहने की संभावना है — यानी अगले सप्ताह भर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।
नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता की स्थिति
मौसमी बदलाव से पहले एनसीआर की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुँच चुकी है। नोएडा के चार सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों के आँकड़ों के अनुसार सेक्टर-116 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 दर्ज किया गया, जो रेड ज़ोन में है। सेक्टर-125 में AQI 299, सेक्टर-1 में 261 और सेक्टर-62 में 187 रिकॉर्ड किया गया।
गाजियाबाद में भी स्थिति चिंताजनक है। लोनी में AQI 340 के साथ रेड ज़ोन में है, जबकि संजय नगर में 248, इंदिरापुरम में 186 और गोविंदपुरम में 156 दर्ज किया गया। आँकड़ों के अनुसार गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब रही।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों का AQI
दिल्ली के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर दर्ज आँकड़े भी प्रदूषण की बढ़ती तस्वीर पेश करते हैं। अलीपुर में AQI 238, बवाना में 222, मथुरा रोड में 225 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 210 दर्ज किया गया। चाँदनी चौक में AQI 198, आनंद विहार में 179, अशोक विहार में 146 और आया नगर में 140 रहा।
यह आँकड़े दर्शाते हैं कि एनसीआर में प्रदूषण का प्रभाव एकसमान नहीं है — पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली के औद्योगिक इलाकों में स्थिति केंद्रीय व दक्षिणी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर है।
प्रदूषण के स्रोत और हॉटस्पॉट
अधिकारियों के अनुसार एनसीआर में 14 प्रमुख हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहाँ निर्माण, तोड़फोड़ की गतिविधियाँ और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मौसम के शुष्क रहने से धूल के महीन कण हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ती है।
बारिश से राहत की उम्मीद
यह ऐसे समय में आया है जब एनसीआर में अक्टूबर की शुरुआत में प्रदूषण की रफ्तार असामान्य रूप से तेज रही है। 6 अक्टूबर की संभावित बारिश और तेज हवाएँ एक ओर तापमान में गिरावट लाएंगी, वहीं वातावरण में मौजूद धूल के कण ज़मीन पर बैठने से वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार की उम्मीद भी बनती है। हालाँकि, बारिश के बाद यदि निर्माण गतिविधियाँ फिर शुरू हुईं तो AQI दोबारा बढ़ सकता है।