12 अगस्त 2026
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क्या दिल्ली पुलिस ने डेबिट कार्ड स्वैपिंग के फरार अपराधी को दबोचा?

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क्या दिल्ली पुलिस ने डेबिट कार्ड स्वैपिंग के फरार अपराधी को दबोचा?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक डेबिट कार्ड स्वैपिंग धोखाधड़ी में शामिल फरार अपराधी कादिर को गिरफ्तार किया। वह 2017 से फरार था और 21 आपराधिक मामलों में शामिल है। जानें इस अपराधी की कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

कादिर को 2017 से फरार होने के बाद गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली पुलिस की तकनीकी निगरानी प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कादिर पर 21 आपराधिक मामलों का आरोप है।
अपराधी ने एटीएम धोखाधड़ी को लक्षित किया।
पुलिस कार्रवाई से समाज में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली, 9 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ईआर-2 टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने डेबिट कार्ड स्वैपिंग धोखाधड़ी में शामिल एक फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी की पहचान कादिर उर्फ कादिर पुत्र नूर मोहम्मद के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद का निवासी है। यह आरोपी 2017 से फरार था और 10 अप्रैल 2019 को अदालत द्वारा प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया था।

सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच की ईआर-2 यूनिट को विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सक्रिय वांछित अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। रिकॉर्ड की जांच के दौरान पता चला कि कादिर नाम का आरोपी, जो भजनपुरा थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 84/2017, धारा 420/34 आईपीसी के मामले में वांछित था, अब तक गिरफ्तारी से बचता रहा है।

एसीपी कैलाश चंदर के नेतृत्व में निरीक्षक सुनील कुमार कुंडू की टीम, जिसमें एएसआई सतेंद्र, एचसी मोहित, एचसी राजीव, एचसी विकास, एचसी प्रिंस, एचसी सुरजीत दहिया और कॉन्स्टेबल सिमरन सिद्धू शामिल थे, ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी को लोनोनी राउंडअबाउट से गिरफ्तार किया। आरोपी की गिरफ्तारी सोमवार को धारा 35.1(डी) बीएनएसएस के तहत की गई।

पूछताछ के दौरान, कादिर ने बताया कि वह और उसके साथी विशेष रूप से ऐसे एटीएम को निशाना बनाते थे जहां सुरक्षा की कमी होती थी। ये लोग अनजान या बुजुर्ग व्यक्तियों को चुनते थे, जिन्हें एटीएम चलाने का अनुभव कम होता था और धोखे से उनके डेबिट कार्ड को बदल देते थे।

5 मार्च 2017 को कादिर और उसके दो साथियों ने पीड़ित मोहन चंद गुप्ता का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से 84 हजार रुपए निकाल लिए थे। इस घटना के बाद भजनपुरा थाने में मामला दर्ज हुआ और कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह गिरफ्तारी से बच निकला। अंततः 2019 में उसके खिलाफ प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर की चार्जशीट दाखिल की गई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कादिर पहले से ही 21 आपराधिक मामलों में शामिल है, जिनमें ठगी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े केस शामिल हैं। ये मामले उत्तर प्रदेश और दिल्ली, दोनों जगह दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कादिर को कब गिरफ्तार किया गया?
कादिर को 9 सितंबर 2023 को गिरफ्तार किया गया।
कादिर पर कितने मामले दर्ज हैं?
कादिर पर 21 आपराधिक मामलों में से कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
कादिर की गिरफ्तारी कैसे हुई?
कादिर की गिरफ्तारी तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से हुई।
कादिर का असली नाम क्या है?
कादिर का असली नाम कादिर पुत्र नूर मोहम्मद है।
कादिर कब से फरार था?
कादिर 2017 से फरार था।
राष्ट्र प्रेस
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