दिल्ली: चोरी की 6 स्कूटी डिलीवरी बॉय को किराये पर देता था आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में सेंट्रल जिला पुलिस और आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को संयुक्त अभियान चलाकर एक शातिर वाहन चोर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय सुंदर वरजानी के रूप में हुई है, जो चोरी की स्कूटियाँ ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों से जुड़े कर्मियों को किराये पर देता था। पुलिस ने उसके कब्जे से 6 चोरी की स्कूटियाँ, एक मोबाइल फोन, एक डेबिट कार्ड और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
आईपी एस्टेट थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं के मद्देनज़र पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की थी। हाथी घाट, राजघाट से एक टीवीएस जुपिटर स्कूटी चोरी की शिकायत के बाद जाँच तेज़ की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाँच आगे बढ़ाई। नैटग्रिड और तकनीकी निगरानी की सहायता से चोरी की स्कूटी की लोकेशन इंदिरा विकास कॉलोनी स्थित सेवा भारती के पास चिह्नित की गई।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
15 जुलाई 2026 को पुलिस टीम ने इलाके में जाल बिछाकर निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक युवक चोरी की स्कूटी का लॉक खोलने की कोशिश करता दिखा, जिसे पुलिस ने तत्काल मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में उसकी पहचान सुंदर वरजानी के रूप में हुई। उसने चोरी की स्कूटी अपने कब्जे में रखने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर पाँच अन्य चोरी की स्कूटियाँ भी बरामद की गईं।
डिजिटल धोखाधड़ी का भी खुलासा
जाँच में सामने आया कि आरोपी ने स्कूटी के साथ रखा मोबाइल फोन और डेबिट कार्ड भी चुरा लिया था। उसने मोबाइल का सुरक्षा लॉक तोड़कर पीड़ित के बैंक खाते तक अनधिकृत पहुँच बनाई और करीब ₹95,000 का फर्जी लेनदेन किया। पुलिस अब पूरे वित्तीय लेनदेन की जाँच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि यह राशि किन लोगों तक पहुँची।
आरोपी का तरीकावार
पूछताछ में वरजानी ने बताया कि वह रिहायशी कॉलोनियों, रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे खड़ी बिना निगरानी वाली स्कूटियों को निशाना बनाता था। चोरी के बाद वह वाहनों को कुछ समय के लिए छिपाकर रखता था और फिर विभिन्न ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों से जुड़े डिलीवरी कर्मियों को किराये पर दे देता था — इस तरह चोरी के वाहनों से नियमित आमदनी का रास्ता बना रखा था।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जाँच जारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली और हरियाणा में वाहन चोरी के 6 मामलों में शामिल रहा है — जिनमें आईपी एस्टेट, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, वजीराबाद, करोल बाग, मुखर्जी नगर और हरियाणा के पानीपत के समालखा थाना क्षेत्र शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से एक अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ है। आरोपी के अन्य साथियों और उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क की जाँच जारी है।