क्या दिल्ली पुलिस ने चार घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया?

सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी में खुफिया सूचनाओं का योगदान रहा।
- विशेष टीमें इस ऑपरेशन में शामिल थीं।
- आगे भी अन्य अपराधियों की तलाश जारी है।
- गिरफ्तारी से सुरक्षा का एहसास बढ़ा है।
नई दिल्ली, २६ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की कापसहेड़ा और आर.के. पुरम थाना की टीमों ने दक्षिण पश्चिम जिले में चार घोषित अपराधियों (पीओएस) को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों को इनकी गिरफ्तारी में खुफिया सूचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान अंकित पाठक (२८ वर्ष), अनिकेत कुमार (३० वर्ष), मूलचंद (४५ वर्ष) और नरेंद्र कुमार (५२ वर्ष) के रूप में हुई है। ये गिरफ्तारी अदालतों द्वारा जारी आदेशों के तहत की गई, जिनकी तिथियाँ क्रमशः २५.०२.२०२५, २५.०५.२०२३, ०३.०५.२०२५ और ३०.०६.२०२३ हैं। इस प्रक्रिया में व्यापक मैनुअल और तकनीकी निगरानी, साथ ही रणनीतिक छापेमारी का सहारा लिया गया।
पुलिस ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई थीं, जिन्होंने गुप्त मुखबिरों और तकनीकी जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। पहला मामला थाना कापसहेड़ा में दर्ज एफआईआर संख्या ५४/२०१८ से संबंधित है, जिसमें हेड कांस्टेबल पवन और दलजीत की टीम ने अंकित पाठक को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ धारा २०९ बीएनएस के तहत एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है।
दूसरा मामला एफआईआर संख्या ५१७/२०२० से संबंधित है, जिसमें एचसी मोहिंदर सिंह, संजीव और योगेश की टीम ने अनिकेत कुमार को पकड़ा। तीसरा मामला एफआईआर संख्या ३६९/२०२१ से है, जिसमें एचसी श्रीपाल और कांस्टेबल अजय की टीम ने मूलचंद को गिरफ्तार किया।
चौथा मामला थाना आर.के. पुरम में दर्ज एफआईआर संख्या ३१७/२०२५ से संबंधित है। अगस्त २०२५ के दूसरे सप्ताह में मिली सूचना के आधार पर, इंस्पेक्टर रविंदर कुमार त्यागी के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल इंद्रपाल और संपत राम की टीम ने नरेंद्र कुमार को नोएडा के सेक्टर-६३ से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ धारा १७४ए आईपीसी के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम जिला) अमित गोयल ने बताया कि इन गिरफ्तारियों के लिए टीमें गुप्त सूचनाओं और तकनीकी निगरानी पर काम कर रही थीं। अन्य फरार घोषित अपराधियों को पकड़ने के लिए भी जांच और छापेमारी जारी है।
अन्य उद्घोषित अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस आगे भी जांच कर रही है।