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क्या दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में वसंत कुंज साउथ में मोबाइल लूट कांड को सुलझा लिया?

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क्या दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में वसंत कुंज साउथ में मोबाइल लूट कांड को सुलझा लिया?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज साउथ में मोबाइल लूट की वारदात को महज 48 घंटे में सुलझा लिया। जानें कैसे तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। क्या यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की कुशलता को दर्शाती है?

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे में लूट का मामला सुलझाया।
आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
लूटा गया आई-फोन और कपड़े बरामद किए गए।
आरोपियों की नशे की लत के कारण वारदात हुई।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी का सहारा लिया।

नई दिल्ली, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की वसंत कुंज साउथ थाना पुलिस ने सिर्फ 48 घंटे में एक मोबाइल लूट के मामले को सुलझा लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लूट का आई-फोन और उस समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं।

यह पूरी घटना 14 नवंबर 2025 की रात को हुई थी। गुरुग्राम के सेक्टर-18 के निवासी के.के. ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि वसंत कुंज इलाके में दो युवकों ने उन पर हमला कर जबरन उनका आई-फोन एसई छीन लिया। इसके साथ ही, लुटेरों ने पीड़ित को धमकाते हुए उसके फोन से यूपीआई के जरिए 1500 रुपए भी अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद वे फोन लेकर फरार हो गए।

शिकायत मिलने के तुरंत बाद थाना प्रभारी के निर्देश पर बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसआई रवि मलिक, हेड कांस्टेबल नवीन, हेड कांस्टेबल नेमी चंद, कांस्टेबल हरीश और महिला कांस्टेबल सुमन शामिल थे।

टीम ने एनएच-48, वसंत कुंज रोड, मसूदपुर रोड और महिपालपुर रोड के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर सबसे पहले मुख्य आरोपी आशीष (22 वर्ष) को महिपालपुर से गिरफ्तार किया गया। कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथी अभिषेक दीक्षित उर्फ गोलू (22 वर्ष) का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने अर्जुन कैंप के पास जंगल में दबिश देकर गोलू को भी पकड़ लिया।

दोनों आरोपी महिपालपुर के निवासी हैं और होटलों में कमीशन पर ग्राहक लाने का काम करते हैं। आशीष पांचवीं कक्षा पास है और नशे का आदी है, जबकि गोलू अनपढ़ बताया जा रहा है। दोनों पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में शामिल रहे हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा हुआ आईफोन एसई और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में यह सामने आया है कि दोनों नशे की लत पूरी करने के लिए ऐसी वारदातें करते थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना दिल्ली पुलिस की तत्परता और कुशलता को दर्शाती है। जब अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, तब इस तरह की त्वरित कार्रवाई से जनता में विश्वास बढ़ता है। हमारी पुलिस को ऐसे मामलों में सुधार और तेजी लाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने लूट के मामले को कब सुलझाया?
दिल्ली पुलिस ने यह मोबाइल लूट का मामला मात्र 48 घंटे में सुलझाया।
आरोपियों के नाम क्या हैं?
आरोपियों के नाम आशीष और अभिषेक दीक्षित उर्फ गोलू हैं।
क्या पुलिस ने लूटा गया मोबाइल बरामद किया?
हाँ, पुलिस ने लूटा गया आई-फोन एसई और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।
क्या यह मामला गंभीर था?
हाँ, यह मामला गंभीर था क्योंकि इसमें नशे की लत और अपराध का संबंध था।
राष्ट्र प्रेस
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