दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआई के जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, पल्ली मोड़ हाईवे पर मिला अत्याधुनिक कैमरा
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने एक बड़ा जासूसी नेटवर्क भंडाफोड़ किया।
- पल्ली मोड़ फ्लाईओवर पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरा जब्त किया गया।
- गिरफ्तार आरोपियों में से कई दिल्ली और पंजाब से हैं।
- कैमरा आईएसआई के इशारों पर लगाया गया था।
- पुलिस ने देशभर में 9 जगहों पर ऐसे कैमरे बरामद किए हैं।
कठुआ, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर स्थित पल्ली मोड़ फ्लाईओवर के पास एक बिजली के खंभे पर लगाया गया अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरा, जो दिल्ली पुलिस की विशेष जांच टीम द्वारा जब्त किया गया है। यह कैमरा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर सेना और सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थापित किया गया था। इस मामले के खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान समर्थित एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में कुल 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कई को दिल्ली और पंजाब से पकड़ा गया। इन आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने, संवेदनशील स्थलों की रेकी करने और आईएसआई के हैंडलर्स को वास्तविक समय की जानकारी भेजने की साजिश रचने का आरोप है।
पल्ली मोड़ फ्लाईओवर सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से सीमावर्ती क्षेत्रों, पंजाब और अन्य हिस्सों से आने वाले वाहनों की आवाजाही पर नजर रखना संभव है। फ्लाईओवर की सर्विस लेन और मुख्य हाईवे दोनों पर निगरानी रखने के लिए यह स्थान चुना गया था। यह कैमरा इतना उन्नत था कि यह दूर-दूर तक की गतिविधियों को कैद कर सकता था। इस तरह के संवेदनशील क्षेत्र में विदेशी एजेंसी का नियंत्रण सुरक्षा की बड़ी चूक मानी जा रही है।
जांच के दौरान एक गिरफ्तार व्यक्ति की पूछताछ के आधार पर पल्ली मोड़ वाले कैमरे का पता चला। इसके बाद स्पेशल सेल की टीम ने शुक्रवार को कठुआ पहुंचकर छापेमारी की और कैमरा जब्त कर लिया। पुलिस ने देशभर में 9 स्थानों पर लगाए गए सौर ऊर्जा से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए हैं। इनमें कठुआ के अलावा कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा (पंजाब), अंबाला (हरियाणा), बीकानेर और अलवर (राजस्थान) शामिल हैं। ये सभी स्थान सेना के ठिकानों, कैंटोनमेंट और लॉजिस्टिक रूट्स के निकट हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपी विदेशी हैंडलर्स, जो आईएसआई और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हैं, के निर्देश पर काम कर रहे थे। उन्होंने सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे स्थापित किए, जिनकी लाइव फीड मोबाइल ऐप के माध्यम से सीमा पार भेजी जा रही थी। उनका उद्देश्य भारतीय सेना की गतिविधियों, वाहनों की आवाजाही और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाकर भविष्य में आतंकी हमलों की योजना बनाना था।