क्या 'आप' नेता प्रदूषण के मुद्दे पर सरकार को घेरने में सफल होंगे?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक है।
- आप पार्टी ने सरकार को घेरने का प्रयास किया है।
- सरकार के जवाबदेही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- मास्क पहनकर विधानसभा में जाना एक नया कदम है।
- प्रदूषण के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, ५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सरकार को प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर घेरना जारी रखा है। 'आप' का कहना है कि सरकार दिल्ली की जहरीली हवा को नियंत्रित करने में विफल रही है।
नई दिल्ली में 'आप' नेता जरनैल सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि चाहे कितनी भी राजनीति कर ली जाए या रिपोर्टें जारी की जाएं, लेकिन दिल्लीवासियों की सांसें अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है और सरकार को इसका उचित उत्तर देना चाहिए। इस वर्ष दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा है।
विधानसभा में 'आप' विधायकों के निलंबन पर उन्होंने कहा कि चार विधायकों को बाहर कर दिया गया, लेकिन असली सवाल यह है कि सरकार सवालों से क्यों डरती है, और यह स्थिति स्पष्ट है। स्पीकर की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सरकार जनता के प्रतिनिधियों, यानी विधायकों के उठाए गए सवालों का जवाब दे। हालांकि, स्पीकर ने सरकार को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया। हम विधानसभा में सिर्फ मास्क लगाकर गए थे। सभी दिल्लीवाले जानते हैं, दिल्ली का सबसे बड़ा मुद्दा प्रदूषण है। एक्यूआई का डेटा सरकार गलत प्रस्तुत कर रही है, क्योंकि सरकार ने हवा को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है, तो हमारे सवालों का क्या उत्तर देंगे? हम तो मास्क पहनकर वहां बैठे थे, तभी मार्शल द्वारा हमें बाहर निकाल दिया गया। बाद में पता चला कि हमें निष्कासित कर दिया गया।
प्रदूषण के मुद्दे पर 'आप' ने प्रेस वार्ता में कहा कि दिल्ली सरकार हमारे मास्क से डर गई है। उन्हें दिल्ली की हवा के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्नों का भय है। इस डर के चलते सरकार ने स्पीकर से 'आप' के चार विधायकों को सदन से निष्कासित कराया।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू हुआ और इस दौरान हमने दिल्ली में भयंकर प्रदूषण का मुद्दा उठाया। हम चाहते थे कि एलजी अपने अभिभाषण में प्रदूषण कम करने के अपने योजनाओं को साझा करें, जिससे प्रदूषण कम हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमने एलजी से उस योजना को जानना चाहा तो स्पीकर साहब ने हमें सदन से बाहर निकलवा दिया।