टीसीएस के सीईओ कृतिवासन: एआई से कर्मचारियों के लिए नए अवसरों का सृजन
सारांश
Key Takeaways
- कृतिवासन का एआई के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण
- कर्मचारियों को एआई का उपयोग करने की सलाह
- आईटी कंपनियों की चिंताएँ और अवसर
मुंबई, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सीईओ कृतिवासन ने बुधवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से नए अवसरों का सृजन होगा। यदि कर्मचारियों को लगता है कि कोई कार्य एआई द्वारा किया जा सकता है, तो उन्हें इसे अपनाना चाहिए।
कृतिवासन का यह टिप्पणी उस समय आई है जब आईटी क्षेत्र में एआई को लेकर चिंताएँ बढ़ी हुई हैं, जिसके चलते कंपनियों के मूल्यांकन में बड़ी गिरावट आई है।
नैसकॉम टेक्नोलॉजी एंड लीडरशिप फोरम में कृतिवासन ने कहा कि हम अपने सहयोगियों से आग्रह कर रहे हैं कि यदि आप एआई की सहायता से कोई कार्य जल्दी, बेहतर और सस्ता कर सकते हैं, तो आपको अपने ग्राहकों को इसके बारे में अवश्य बताना चाहिए, भले ही इससे कंपनी की आय में कमी आए।
उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस बात की चिंता नहीं होनी चाहिए कि यह तकनीक हमारी आजीविका को प्रभावित करेगी। हमारा मानना है कि इससे और अधिक अवसर पैदा होंगे, इसलिए जितना अधिक इसका उपयोग करेंगे, उतना ही अधिक लाभ प्राप्त करेंगे।
हाल के दिनों में एआई से संबंधित नए उपकरणों ने आईटी कंपनियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, विशेषकर अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक के दावों के बाद।
एआई से जुड़े इन चिंताओं के कारण पिछले एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स में २० प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
इस दौरान, टीसीएस के शेयरों में लगभग १६ प्रतिशत, इन्फोसिस के शेयरों में २३ प्रतिशत से अधिक, विप्रो के शेयरों में १४ प्रतिशत से अधिक, कोफोर्ज के शेयरों में २७ प्रतिशत और टेक महिंद्रा के शेयरों में २२ प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
दूसरी ओर, एआई कंपनियाँ अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आईटी कंपनियों के साथ साझेदारियाँ कर रही हैं। हाल ही में एंथ्रोपिक ने इन्फोसिस और ओपनएआई ने टीसीएस के साथ समझौता किया है।