क्या मंत्री आशीष सूद ने रैन बसेरों का निरीक्षण किया और नाइट शेल्टर्स को सुरक्षित बताया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली सरकार ने नाइट शेल्टर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
- आशीष सूद ने रैन बसेरों का निरीक्षण किया है।
- सरकार हर जरूरतमंद को ठंड में सुरक्षित ठिकाना देने को प्रतिबद्ध है।
- नए शेल्टर होम का निर्माण किया जा रहा है।
- पुराने शेल्टर की कमियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने रविवार को सर्दियों में जरूरतमंदों के लिए बनाए गए नाइट शेल्टर या रैन बसेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां मौजूद लोगों को दी जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास छत नहीं है, उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा अच्छी छत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
आशीष सूद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पिछले 27 वर्षों में पूर्व सरकारों की नाकामियों के चलते लोगों को सर्दी में सड़क किनारे समय बिताने के लिए मजबूर होना पड़ा। हम उन्हें समझा रहे हैं कि नाइट शेल्टर अब सुरक्षित हैं, लेकिन उनके पुराने अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं। हमारी रेस्क्यू टीम उन्हें बताती है कि अब ये शेल्टर्स सुरक्षित हैं। इनमें उचित भोजन उपलब्ध है, लेकिन पुराने अनुभव के कारण कुछ लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को मुनिरका और एम्स के नाइट शेल्टर और पगोड़ा कैंप्स का निरीक्षण किया गया। विंटर एक्शन प्लान के अंतर्गत पगोड़ा कैंप्स में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। रास्ते में कुछ लोग मिले, जिन्हें नाइट शेल्टर और पगोड़ा कैंप्स में कंबल, भोजन और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी गई और उनसे आग्रह किया गया कि वे इन शेल्टर्स में जाकर रहें। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, हमारा प्रयास है कि हर जरूरतमंद को एक सुरक्षित और सुविधाजनक ठिकाना मिले।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस कड़कड़ाती सर्दी में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुले में रात बिताने को मजबूर न हो। दिल्ली सरकार नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देती है।
दिल्ली सरकार नए शेल्टर होम भी तैयार कर रही है और यहां कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। पुराने शेल्टर होम का निरीक्षण किया जा रहा है और यदि कोई कमियां पाई जाती हैं, तो सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।