क्या दिल्ली सरकार अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने जा रही है?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली सरकार ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया है।
- आम आदमी पार्टी पर शिक्षकों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया गया है।
- शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस कदम को शिक्षा व्यवस्था में गलत सूचनाओं को रोकने के लिए बताया।
- भाजपा और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
- इस घटनाक्रम का आगामी चुनावों पर असर पड़ सकता है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इस बारे में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल लगातार शिक्षकों को लेकर भ्रम और दुष्प्रचार फैला रहे हैं, जिसके खिलाफ अब सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में फैलाई जा रही गलत सूचनाओं को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया, "आम आदमी पार्टी द्वारा फैलाए गए फेक न्यूज पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने सिविल लाइन्स थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह हमारे शिक्षकों के मनोबल को कमजोर करने और दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में जानबूझकर अविश्वास पैदा करने का गंभीर प्रयास है। झूठ की राजनीति पर ज़ीरो टॉलरेंस है और इसे फैलाने वालों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा।"
बता दें कि यह मामला दिल्ली में शिक्षकों से कथित तौर पर आवारा कुत्तों की गिनती कराने से जुड़ा है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने इस आरोप को नकारते हुए आम आदमी पार्टी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने समाचार एजेंसी से कहा, "भाजपा पहले कह रही थी कि कोई आदेश नहीं हुआ, लेकिन अब वे मान गए हैं कि ऐसा आदेश निकाला गया है। इससे साबित होता है कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद शिक्षा विभाग का संचालन नहीं कर रहे हैं।"