दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने झपटमार मोहम्मद खालिद को दबोचा, चोरी की पल्सर और 2 मोबाइल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 की रात नोएडा लिंक रोड स्थित चिल्ला बॉर्डर रेड लाइट के पास त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय झपटमार को रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी की पहचान मोहम्मद खालिद, निवासी सनी बाजार रोड, लोनी देहात, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। उसके पास से एक चोरी की काले रंग की पल्सर एनएस-400 मोटरसाइकिल और दो झपटे गए मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
ईस्टर्न रेंज ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर की रात लगभग 9:30 बजे एसीपी ट्रैफिक ईस्ट अमरीक राज बिरदी और टीआई मयूर विहार सुरेंद्र कुमार की देखरेख में एसआई मनोज कुमार, एएसआई मनोज, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल खेमा राम चिल्ला बॉर्डर रेड लाइट पर ड्यूटी पर तैनात थे।
इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति बाइक सवार का पीछा करते हुए मदद के लिए चिल्ला रहा है। स्थिति भाँपते ही ट्रैफिक कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी मोहम्मद खालिद को मोटरसाइकिल सहित मौके पर ही पकड़ लिया।
बरामदगी और जाँच में खुलासे
जाँच में सामने आया कि आरोपी की मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट नहीं थी। चेसिस नंबर और इंजन नंबर की पड़ताल करने पर पुलिस ने पाया कि यह बाइक दिल्ली के कृष्णा नगर थाने में दर्ज चोरी के मामले से संबंधित है।
आरोपी के पास से बरामद दो मोबाइल फोनों में से एक शिकायतकर्ता का था, जबकि दूसरा सिविल लाइंस थाने में दर्ज ई-एफआईआर से जुड़े एक अलग झपटमारी प्रकरण का था। पूछताछ में खालिद पर दिल्ली के अलग-अलग थानों में कई एफआईआर दर्ज होने की बात भी सामने आई, जो उसके पुराने आपराधिक इतिहास की ओर इशारा करती है।
पुलिस उपायुक्त की प्रतिक्रिया
पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक ईस्टर्न रेंज श्वेता सिंह चौहान ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ट्रैफिक पुलिस के जवान न केवल सड़क अनुशासन बनाए रखने और यातायात नियमों को लागू करने का काम कर रहे हैं, बल्कि अपराध की रोकथाम में भी सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि कर्मियों की सतर्कता, समय पर निर्णय और आपसी तालमेल ने इस गिरफ्तारी को संभव बनाया।
आगे की कार्रवाई
आरोपी मोहम्मद खालिद को बरामद संपत्ति — चोरी की मोटरसाइकिल और दोनों मोबाइल फोन — सहित आगे की विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में झपटमारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की बहु-एजेंसी सतर्कता पर ज़ोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा इस तरह की सक्रिय अपराध-रोधी भूमिका एक सकारात्मक नज़ीर पेश करती है।