26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी युवाओं ने संसदीय प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी युवाओं ने संसदीय प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी युवाओं का यह दौरा न केवल उनकी शिक्षा का हिस्सा था, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और युवा सहभागिता को भी बढ़ावा देता है। इस अनुभव ने उन्हें भारत की संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

मुख्य बातें

कश्मीरी युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं का अनुभव मिला।
दिल्ली विधानसभा की ऐतिहासिक एवं स्थापत्य जानकारी।
राष्ट्रीय एकता और युवा सहभागिता को बढ़ावा।
डिजिटल प्रणाली का महत्व समझा गया।
विधायी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, कुपवाड़ा, बारामूला, बडगाम, श्रीनगर एवं पुलवामा जिलों से आए 170 युवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राष्ट्रीय एकता और युवा सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करते हुए दिल्ली विधानसभा का दौरा किया।

यह दौरा कश्मीरी युवा विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की मेरा युवा भारत पहल का हिस्सा है और गृह मंत्रालय के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

दौरे के दौरान विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में यह भारत की पहली पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित विधानसभा बन गई है। इसके अतिरिक्त, सदन की कार्यवाही राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) से एकीकृत पूर्णतः डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है। युवाओं को यह भी जानकारी दी गई कि अध्यक्ष की परिकल्पना दिल्ली विधानसभा को राष्ट्रीय महत्व के एक सांस्कृतिक एवं विरासत स्थल के रूप में विकसित करने की है। प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्यों के लिए यह राष्ट्रीय राजधानी की पहली यात्रा थी, जिससे यह अनुभव उनके लिए अत्यंत सार्थक एवं स्मरणीय बन गया।

दौरे के दौरान युवाओं को सदन की कार्यवाही की प्रक्रिया से परिचित कराया गया, जिसमें विधायी बहसें, प्रश्नकाल तथा लोकतांत्रिक शासन में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका शामिल है। उन्हें विधानसभा भवन के ऐतिहासिक एवं स्थापत्य महत्व की भी जानकारी दी गई। यह भवन कभी ब्रिटिश भारत की केंद्रीय विधान परिषद का केंद्र रहा है, जो आगे चलकर भारत की संसद बना, और दिसंबर 1911 में राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किए जाने के बाद अस्थायी केंद्रीय सचिवालय के रूप में भी प्रयुक्त हुआ।

प्रतिभागियों ने विठ्ठलभाई पटेल जैसे महान नेताओं की संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में योगदान के बारे में भी जाना। युवाओं ने विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के साथ सक्रिय संवाद किया और विधायी कार्यप्रणाली, लोक प्रशासन तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से संबंधित प्रश्न पूछे। यह दौरा युवाओं के लिए भारत की संवैधानिक विरासत, लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन व्यवस्था को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह के कार्यक्रमों से युवाओं में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है, जो राष्ट्र के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विधानसभा में कश्मीरी युवाओं का दौरा कब हुआ?
यह दौरा 19 जनवरी को हुआ।
इस दौरे का उद्देश्य क्या था?
इस दौरे का उद्देश्य युवा सहभागिता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना था।
कितने युवाओं ने इस दौरे में भाग लिया?
इस दौरे में 170 युवाओं का प्रतिनिधिमंडल शामिल था।
दिल्ली विधानसभा की क्या विशेषता है?
दिल्ली विधानसभा भारत की पहली पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित विधानसभा है।
इस दौरे से युवाओं को क्या सिखने को मिला?
युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी मिली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले