क्या दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए?

Click to start listening
क्या दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए?

सारांश

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस द्वारा जालंधर में दर्ज एफआईआर पर विरोध जताया है। यह मामला वीडियो क्लिप की छेड़छाड़ से जुड़ा है। क्या यह राजनीति में नया मोड़ है? जानें इस जटिल मामले के बारे में।

Key Takeaways

  • दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है।
  • वीडियो क्लिप में छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है।
  • यह मामला विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है।
  • सभी संबंधित दस्तावेज 12 जनवरी तक प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।
  • सदन की कार्यवाही विशेषाधिकार प्राप्त होती है।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है, जिसमें दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष अतिशी से संबंधित एक वीडियो क्लिप के मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एफआईआर पर गंभीर आपत्ति जताई गई है।

यह नोटिस उस प्रेस रिलीज के संदर्भ में जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही से जुड़ा एक वीडियो क्लिप जानबूझकर छेड़छाड़ के तहत तैयार किया गया था और इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है।

नोटिस में यह उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रेस रिलीज को 9 जनवरी को सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर के समक्ष लाया गया था। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पहले से ही सदन के संज्ञान में है। नेता प्रतिपक्ष अतिशी द्वारा सदन के पटल पर दिए गए बयान से संबंधित यह विषय विशेषाधिकार से जुड़ा हुआ है, जिसमें कथित तौर पर कुछ टिप्पणियां सिख गुरुओं के खिलाफ की गई हैं। इस पूरे मामले को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि विपक्षी सदस्यों के अनुरोध पर संबंधित वीडियो क्लिप को पहले ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा चुका है। ऐसे में, जबकि यह विषय पूरी तरह से सदन के विशेषाधिकार क्षेत्र में आता है और अध्यक्ष व सदन स्वयं इस पर विचार कर रहे हैं, पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर सदन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

नोटिस के अनुसार, स्पीकर ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि पंजाब पुलिस ने किस आधार पर इस विषय में हस्तक्षेप किया। नोटिस में यह भी कहा गया है कि विधानसभा की कार्यवाही विशेषाधिकार प्राप्त होती है और यह सदन की संपत्ति मानी जाती है। इससे संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या मुद्दा उठाने से पहले उसे स्पीकर के संज्ञान में लाना अनिवार्य है।

विधानसभा सचिवालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस पूरे मामले पर अपना लिखित स्पष्टीकरण सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करें। इसमें शिकायत और एफआईआर की प्रति, फॉरेंसिक की रिपोर्ट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल होंगे। यह स्पष्टीकरण 12 जनवरी तक, अनिवार्य रूप से जमा कराने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस स्पीकर की स्वीकृति से जारी किया गया है।

Point of View

जो न केवल विधानसभा की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इस पर व्यापक जनहित भी हो सकता है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर क्यों आपत्ति जताई?
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने एक वीडियो क्लिप के मामले में जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर गंभीर आपत्ति जताई है, क्योंकि यह मामला सदन के विशेषाधिकार से जुड़ा है।
क्या वीडियो क्लिप में छेड़छाड़ की गई थी?
नोटिस के अनुसार, यह दावा किया गया था कि 6 जनवरी को हुई विधानसभा की कार्यवाही से संबंधित वीडियो क्लिप जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
इस पूरे मामले को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा गया है, और संबंधित अधिकारियों को 12 जनवरी तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
क्या पंजाब पुलिस का हस्तक्षेप उचित था?
दिल्ली विधानसभा सचिवालय का मानना है कि पंजाब पुलिस का हस्तक्षेप अनुचित है, क्योंकि यह मामला सदन के विशेषाधिकार क्षेत्र में आता है।
इस विवाद का राजनीतिक प्रभाव क्या हो सकता है?
यह विवाद विधानसभा की कार्यवाही और राजनीतिक वातावरण पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, विशेषकर जब यह विशेषाधिकार से जुड़ा हो।
Nation Press