क्या दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का समय बर्बाद करने के लिए आतिशी जिम्मेदार हैं?: वीरेंद्र सचदेवा
सारांश
Key Takeaways
- वीरेंद्र सचदेवा ने आतिशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- आतिशी का गोवा जाना विधानसभा की कार्यवाही का उल्लंघन है।
- यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा हुआ है।
- आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
- आतिशी का पिछले पांच महीनों में गोवा में रहना चर्चा का विषय है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी की विपक्ष नेता आतिशी की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आतिशी ने शीतकालीन सत्र के दौरान पार्टी प्रचार के लिए गोवा जाकर विधानसभा का समय बर्बाद किया और सदन में उपस्थित होने के अपने संवैधानिक कर्तव्य का उल्लंघन किया।
सचदेवा ने स्पष्ट किया कि अगर कोई इस समय बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार है तो वह आतिशी हैं।
उन्होंने प्रदूषण पर चर्चा की मांग करते हुए आतिशी पर सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब प्रदूषण पर चर्चा होने वाली थी, तब आतिशी गोवा चली गईं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को बिना सूचित किए सत्र के बीच में शहर छोड़ना अनुचित बताया।
वास्तविकता यह है कि आतिशी 5 जनवरी को दिल्ली विधानसभा सत्र में शामिल होने आई थीं, जबकि गोवा में आम आदमी पार्टी के प्रचार कार्य को छोड़कर। सचदेवा ने बताया कि उसी दिन उनकी पार्टी की गोवा इकाई में विद्रोह भड़क उठा और उन्हें वहां वापस लौटना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इस कारण से, वह पहले दिन से ही परेशान थीं और 6 जनवरी को प्रदूषण पर चर्चा समाप्त करना चाहती थीं ताकि वह गोवा वापस जाकर राज्य इकाई में चल रहे आंतरिक मतभेदों को सुलझा सकें।
सचदेवा ने कहा कि जब यह संभव नहीं हुआ, तो अपनी हताशा में आतिशी ने गुरु तेग बहादुर साहिब पर अभद्र टिप्पणी की और 7 जनवरी को बिना बताए गोवा के लिए रवाना हो गईं।
उन्होंने कहा कि आतिशी दिल्ली के कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं, लेकिन पिछले लगभग पांच महीनों से वह लगातार गोवा में आम आदमी पार्टी के विस्तार के लिए प्रचार कर रही हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि उनका वेतन दिल्ली के लोगों द्वारा दिए गए कर से आता है, फिर भी वह पिछले पांच महीनों से कालकाजी के लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हर पार्टी के प्रतिनिधि चुनाव प्रचार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, लेकिन इस तरह लगातार पांच महीने तक नहीं।