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देवरिया: नोनापार गांव में झोपड़ी में आग, पिता-पुत्री समेत तीन की मौत; महिला गंभीर

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देवरिया: नोनापार गांव में झोपड़ी में आग, पिता-पुत्री समेत तीन की मौत; महिला गंभीर

सारांश

देवरिया के नोनापार गांव में मध्य रात्रि झोपड़ी में लगी आग ने एक परिवार को तबाह कर दिया — पिता, तीन साल की बेटी और एक अन्य व्यक्ति की मौत। घायल महिला रेफर। आग के कारणों की जाँच जारी।

मुख्य बातें

देवरिया के नोनापार गांव में 21-22 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि झोपड़ी में आग लगी।
मृतकों में जितेंद्र (32) , बालकिशन और तीन वर्षीया शनि शामिल हैं।
जितेंद्र की पत्नी लीला गंभीर रूप से घायल; बेहतर इलाज के लिए रेफर की गईं।
सीएचसी भटनी में तीनों को मृत घोषित किया गया।
देवरिया एसपी अभिजीत आर.
शंकर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया; आग के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं ।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि लगभग डेढ़ बजे एक झोपड़ी में भीषण आग लग जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में जितेंद्र पुत्र लालचंद्र (32 वर्ष), बालकिशन पुत्र अदालत और जितेंद्र की तीन वर्षीय पुत्री शनि शामिल हैं। इस हादसे में जितेंद्र की पत्नी लीला गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

रात करीब डेढ़ बजे जैसे ही झोपड़ी में आग की लपटें उठीं, आसपास के ग्रामीण तत्काल मदद के लिए दौड़ पड़े और अग्निशमन दल को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और अग्निशमन टीम मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भटनी ले जाया गया।

सीएचसी भटनी में चिकित्सकों ने जितेंद्र (32), बालकिशन और तीन वर्षीया शनि को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी लीला पत्नी जितेंद्र को उच्चतर चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया। गांव में इस हादसे के बाद शोक की लहर है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलने पर देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और मौके का निरीक्षण किया। भाटपार रानी के क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और जाँच जारी है। गौरतलब है कि ग्रामीण इलाकों में कच्ची झोपड़ियों में आग की घटनाएँ अक्सर रात के समय होती हैं जब लोग गहरी नींद में होते हैं, जिससे बचाव का मौका बेहद कम रह जाता है।

मासूम बच्ची की मौत से गम दोहरा

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू तीन वर्षीया शनि की मौत है। मात्र 3 साल की उम्र में इस मासूम की जान जाने से पूरे गांव में गहरा सदमा है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में झोपड़ियों और कच्चे मकानों में आगजनी की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।

आम जनता पर असर और आगे की राह

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आग से बचाव के संसाधनों और जागरूकता की कमी को उजागर किया है। अग्निशमन सेवाओं की त्वरित पहुँच और कच्ची बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं। पुलिस ने बताया कि घायल लीला की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आग लगने की वजह स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यापक विफलता का प्रतीक है जिसमें अग्नि-सुरक्षा जागरूकता और ग्रामीण अग्निशमन सेवाओं की पहुँच आज भी अपर्याप्त है। आग के कारणों की पुष्टि न होना जाँच की धीमी गति को दर्शाता है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस घटना को एकाकी दुर्घटना मानकर भूल जाएगा, या ग्रामीण आवास सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवरिया झोपड़ी अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई — जितेंद्र पुत्र लालचंद्र (32 वर्ष), बालकिशन पुत्र अदालत और जितेंद्र की तीन वर्षीय पुत्री शनि। तीनों को सीएचसी भटनी में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
घटना कब और कहाँ हुई?
यह हादसा 21-22 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि लगभग डेढ़ बजे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में हुआ। एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई जिससे यह दुर्घटना हुई।
घायल महिला की क्या स्थिति है?
जितेंद्र की पत्नी लीला गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्चतर चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। उनकी हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
आग लगने का कारण क्या था?
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। भाटपार रानी के क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है और जाँच जारी है।
पुलिस और प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
सूचना मिलते ही थाना पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पाया। देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति की जानकारी ली।
राष्ट्र प्रेस
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