डिजाइनर ड्रग तस्करी: अहमदाबाद एनसीबी ने राजस्थान के दशरथ सिंह को 15 साल की सजा दिलाई, ₹2 लाख जुर्माना
सारांश
Key Takeaways
अहमदाबाद की विशेष एनडीपीएस अदालत ने राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी दशरथ सिंह को 185 ग्राम 4-मेथिलएथकैथिनोन (4-एमईसी) की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में 15 साल की कठोर कारावास और ₹2 लाख के जुर्माने की सज़ा सुनाई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के एक अधिकारी ने 2 मई को यह जानकारी दी। 4-एमईसी एक मनोसक्रिय पदार्थ है जिसे 'डिजाइनर ड्रग' की श्रेणी में रखा जाता है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एनसीबी अहमदाबाद जोनल यूनिट के अधिकारियों ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर 30 जनवरी 2023 को दशरथ सिंह को गिरफ्तार किया। वह उस समय मंदसौर से अहमदाबाद जा रही एक बस चला रहा था। यह गिरफ्तारी बोर्डी मिल कंपाउंड पार्किंग, हीराभाई मार्केट, कांकरिया रोड, अहमदाबाद में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 185 ग्राम 4-एमईसी बरामद किया गया और उसी दिन उसे औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया गया। एनसीबी के अनुसार, यह अंतरराज्यीय नेटवर्क के ज़रिए डिजाइनर ड्रग की आपूर्ति का मामला था।
आरोप पत्र और कानूनी कार्रवाई
जाँच पूरी होने के बाद एनसीबी ने 25 जुलाई 2023 को अहमदाबाद सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने दशरथ सिंह को इन धाराओं के अंतर्गत दोषी पाया और कठोर सजा सुनाई।
4-एमईसी: क्या है यह 'डिजाइनर ड्रग'
एनसीबी के अनुसार, 4-मेथिलएथकैथिनोन (4-एमईसी) एक कृत्रिम उत्तेजक पदार्थ है जो नए मनोसक्रिय पदार्थों — विशेष रूप से कैथिनोन व्युत्पन्न — की श्रेणी में आता है। यह पाउडर या क्रिस्टलीय रूप में पाया जाता है और एम्फैटेमिन जैसे उत्तेजक व आनंददायक प्रभावों के लिए इसका दुरुपयोग किया जाता है।
एनसीबी ने चेताया है कि इसके सेवन से चिंता, बेचैनी, हृदय गति में वृद्धि, उच्च रक्तचाप और गंभीर लत लगने का जोखिम रहता है। अत्यधिक दुरुपयोग की संभावना और स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव के कारण इसे एक खतरनाक मनोरोगी पदार्थ माना जाता है।
एनसीबी की प्रतिक्रिया
एनसीबी ने एक बयान में कहा कि अहमदाबाद जोनल यूनिट द्वारा की गई गहन जाँच और सुनियोजित अभियोजन कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि न्याय मिले और समुदायों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विनाशकारी परिणामों से बचाया जा सके। गौरतलब है कि डिजाइनर ड्रग्स की अंतरराज्यीय तस्करी के मामलों में इस तरह की कठोर सज़ा अपेक्षाकृत विरल है, जो इस फैसले को एक महत्वपूर्ण मिसाल बनाती है।
आगे क्या
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में सिंथेटिक और डिजाइनर ड्रग्स की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। एनसीबी के अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी ऐसे नेटवर्कों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई जारी रखेगी, और इस फैसले से भविष्य में अभियोजन को और मज़बूती मिलेगी।