क्या धमतरी में कमार जनजाति के लिए मॉडल आंगनबाड़ी से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी?
सारांश
मुख्य बातें
धमतरी, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कमजोर कमार जनजाति के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारत सरकार की पीएम जनमन योजना और मनरेगा के सहयोग से नगरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत कौहा बहारा के आश्रित ग्राम पिपराहीबर्री कमरपारा में एक आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया गया है।
यह केंद्र न केवल बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करेगा, बल्कि खेल-खेल में शिक्षा देने के लिए बीएएलए (बिल्डिंग एज लर्निंग एड) कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला है।
पीएम जनमन योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस योजना के तहत आवास, बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, ताकि ये परिवार बेहतर जीवन जी सकें। इस आंगनबाड़ी की लागत 11 लाख रुपए है और यह कमार बच्चों के लिए शिक्षा और पोषण का मजबूत आधार बनेगी।
मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी आयुष झा ने बताया, "एक मॉडल आंगनबाड़ी बनाया गया है—जो पूरे राज्य में अपनी तरह का एकमात्र है—जिसे बीएएलए कॉन्सेप्ट आंगनबाड़ी के नाम से जाना जाता है। इसे ग्राम पिपरहीबर्री के जनमन बस्ती में बनाया गया है, जहां कमार आदिवासी परिवारों के बच्चे रहते हैं। पहले, उनके लिए आंगनबाड़ी सुविधाओं की कमी थी।"
स्थानीय निवासी दुल्लू कमार ने खुशी जताते हुए कहा, "हमारे गांव में एक आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया, और यह बहुत अच्छा बना है। मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इसके लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।"
एक अन्य स्थानीय राजेंद्र नेताम ने कहा, "यह केंद्र धमतरी जिले की एक मॉडल आंगनबाड़ी है। इसे बहुत सुंदर तरीके से बनाया गया है, और बच्चों को खेल-खेल में सिखाया जाता है।"
इस खूबसूरत आंगनबाड़ी को पाकर कमार समुदाय के लोग काफी खुश हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। यह आकर्षण का केंद्र बन गया है और कमार बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पीएम जनमन योजना से ऐसे प्रयास आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीद जगा रहे हैं।