क्या धर्मांतरण और नशे के माध्यम से फिर प्रहार करेंगे विदेशी? : सीएम योगी
सारांश
Key Takeaways
- धर्मांतरण और नशे के खिलाफ जागरूकता आवश्यक है।
- एकता में ही शक्ति है।
- सनातन धर्म की रक्षा जरूरी है।
- समाज को नशे से बचाना होगा।
- धर्म की विजय सुनिश्चित करनी चाहिए।
झज्जर, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों के समक्ष दो महत्वपूर्ण बातें रखीं और समाज को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब स्वर्णयुग आता है, तब चैतन्य और सतर्क रहने की प्रेरणा मिलती है। भारत के स्वर्णयुग के समय विदेशी हमले भी शुरू हो गए थे। हमें फिर से सतर्क रहना होगा। आज भी धर्मांतरण और नशे के माध्यम से हमले होंगे, और इसके पीछे विदेशी ताकतें होंगी। सनातन धर्म के खिलाफ कोई भी कार्य स्वीकार नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि भारत और मानवता की रक्षा के लिए सनातन धर्म की सुरक्षा आवश्यक है। जब हम एक रहेंगे, तब ही सनातन सुरक्षित रहेगा। बंटने से हम कमजोर होंगे। जाति, तुष्टिकरण, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बंटने के बजाय, हमें एकजुटता के साथ अपनी ध्वजा फहरानी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कबलाना गांव में बाबा पालनाथ आश्रम में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह और भव्य भंडारे में भाग लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी डबल इंजन सरकार विकास के नए मानक स्थापित कर रही है। उन्होंने प्रार्थना की कि सुख-शांति का माहौल बने और लोग प्रगति करें।
सीएम ने कहा कि हमें नशे के खिलाफ प्रहार करना है, क्योंकि नशा समाज को खोखला कर रहा है। यह युवाओं के सोचने की क्षमता को समाप्त कर देता है। हमें अपने युवाओं और समाज को नशे से बचाना होगा।
उन्होंने संतों से आग्रह किया कि हर धार्मिक आयोजन में धर्मांतरण, लव जेहाद और नशे के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। जो वर्तमान को खोखला कर रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी ने कहा कि भारत के सनातन धर्म की परंपरा सबसे प्राचीन है। इसने मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। नाथ संप्रदाय का योगदान भी इस परंपरा में महत्वपूर्ण है।
सीएम ने कहा कि भारत में आदिनाथ भगवान शिव की उपासना एकता का प्रतीक है। यह नाथ संप्रदाय के योगियों ने विभिन्न उपपंथों के माध्यम से सबके लिए उपलब्ध कराया है।
सीएम ने कहा कि जब हम एक साथ सोचते हैं, बोलते हैं और चलते हैं, तब विजय सुनिश्चित होती है। धर्म की जय होगी।