10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण: राष्ट्रपति भवन में हेमा मालिनी और अहाना देओल की आँखें हुईं नम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण: राष्ट्रपति भवन में हेमा मालिनी और अहाना देओल की आँखें हुईं नम

सारांश

राष्ट्रपति भवन में पद्म समारोह इस बार सिर्फ सम्मान का मंच नहीं था — यह विदाई की श्रद्धांजलि भी थी। धर्मेंद्र के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण ग्रहण करते हुए हेमा मालिनी और अहाना देओल की भावुकता ने पूरे सभागार को स्तब्ध कर दिया।

मुख्य बातें

दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार उनकी पत्नी हेमा मालिनी और बेटी अहाना देओल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों ग्रहण किया; दोनों भावुक दिखीं।
धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में हुआ था।
बंगाली सिनेमा के दिग्गज प्रोसेनजीत चटर्जी को 400+ फिल्मों और 40+ वर्षों के करियर के लिए पद्म श्री दिया गया।
विज्ञापन जगत के अग्रणी पीयूष पांडेय को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाज़ा गया; उन्होंने 100+ यादगार विज्ञापन बनाए।

नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में 25 मई 2026 को आयोजित पद्म सम्मान समारोह में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाज़ा गया — भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार उनकी पत्नी, अभिनेत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। इस भावपूर्ण क्षण में हेमा मालिनी के साथ उनकी बेटी अहाना देओल भी उपस्थित थीं और दोनों को भावुक होते देखा गया।

मंच पर भावुक पल

जब हेमा मालिनी मंच की ओर बढ़ीं, तो पूरे सभागार में एक गहरी भावनात्मक लहर दौड़ गई। पति के लिए सम्मान ग्रहण करते समय उनके चेहरे पर गर्व और वियोग का मिला-जुला भाव स्पष्ट था। वह स्वयं को संयत रखने की कोशिश करती नज़र आईं, लेकिन आँखें उनकी भावनाओं को छुपा न सकीं।

गौरतलब है कि धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था। 89 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम साँस ली थी; सांस लेने में कठिनाई के चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके जाने के बाद यह पहला बड़ा राजकीय सम्मान है जो उनके नाम पर प्रदान किया गया।

प्रोसेनजीत चटर्जी को पद्म श्री

इसी समारोह में बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को भारतीय सिनेमा में 40 से अधिक वर्षों के योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके प्रोसेनजीत ने कहा, 'मैं आज बहुत खुश हूँ। एक एक्टर के तौर पर मेरा फिल्मी करियर 40 साल से ज़्यादा का रहा है, और इस सफर में मैंने 400 से ज़्यादा फिल्मों में काम किया है। मैं इस खुशी को शब्दों में बयाँ नहीं कर सकता।'

पीयूष पांडेय को मरणोपरांत पद्म भूषण

समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कला एवं विज्ञापन जगत के अग्रणी हस्ताक्षर पीयूष पांडेय को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया। पीयूष पांडेय ने भारतीय विज्ञापन को वैश्विक पहचान दिलाई और 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' सहित 100 से अधिक यादगार विज्ञापनों का निर्माण किया।

पद्म सम्मानों का महत्त्व

पद्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए जाते हैं और राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किए जाते हैं। पद्म विभूषण देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जबकि पद्म भूषण तीसरा और पद्म श्री चौथा। इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से भावनात्मक रहा, क्योंकि कई दिग्गज कलाकारों को मरणोपरांत सम्मान दिए गए।

आगे की राह

धर्मेंद्र की विरासत अब इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के साथ और अधिक अमर हो गई है। उनके परिवार ने इस पुरस्कार को उनके जीवनभर के संघर्ष और समर्पण की स्वीकृति बताया है। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को यह राजकीय मान्यता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने पाँच दशकों में भारतीय सिनेमा की सामूहिक स्मृति को गढ़ा, उनके लिए यह सम्मान देर से आया — लेकिन आया। सवाल यह भी उठता है कि क्या भारत अपने सांस्कृतिक योद्धाओं को जीवनकाल में वह मान देता है जिसके वे हकदार हैं, या इंतज़ार मृत्यु तक होता है। पीयूष पांडेय और धर्मेंद्र — दोनों के मरणोपरांत सम्मान इस प्रश्न को और प्रासंगिक बना देते हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण क्यों दिया गया?
भारतीय सिनेमा में पाँच दशकों से अधिक के असाधारण योगदान के लिए दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण — देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान — प्रदान किया गया। यह पुरस्कार 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में दिया गया।
हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र का पद्म विभूषण कब और कहाँ ग्रहण किया?
हेमा मालिनी ने 25 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस अवसर पर उनकी बेटी अहाना देओल भी उपस्थित थीं और दोनों भावुक नज़र आईं।
धर्मेंद्र का निधन कब हुआ था?
धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में हुआ था। सांस लेने में कठिनाई के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
प्रोसेनजीत चटर्जी को किस सम्मान से नवाज़ा गया?
बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को 40 से अधिक वर्षों के करियर और 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए इसे अपने पूरे करियर की उपलब्धि बताया।
पीयूष पांडेय को मरणोपरांत कौन-सा पद्म सम्मान मिला?
विज्ञापन जगत के अग्रणी हस्ताक्षर पीयूष पांडेय को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' सहित 100 से अधिक प्रतिष्ठित विज्ञापनों का निर्माण कर भारतीय विज्ञापन को वैश्विक पहचान दिलाई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले