पद्म पुरस्कार 2026: रोहित शर्मा पद्मश्री, धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण — 66 हस्तियाँ सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में पद्म पुरस्कार 2026 के पहले चरण में देश की 66 विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया। इस समारोह में 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए गए। सरकार ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 131 पद्म पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की थी; शेष विजेताओं को दूसरे चरण में सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य पुरस्कार विजेता
दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन और सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के.टी. थॉमस समेत 5 हस्तियों को पद्म विभूषण दिया गया।
पद्म भूषण से सम्मानित 13 हस्तियों में मशहूर गायिका अलका याग्निक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन प्रमुख रहे। वहीं पद्मश्री पाने वाले 113 विजेताओं में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, अभिनेता आर. माधवन, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार शामिल रहे।
महिलाओं और मरणोपरांत सम्मान की विशेष उपस्थिति
इस वर्ष के पद्म पुरस्कार विजेताओं में 19 महिलाएँ शामिल हैं, जो महिला उपलब्धियों की व्यापक पहचान को दर्शाता है। इसके अलावा 16 हस्तियों को मरणोपरांत पुरस्कार से नवाज़ा गया। बिहार के मरणोपरांत पद्मश्री विजेता विश्व बंधु की पत्नी इंदु देवी ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा, 'सरकार का तहे दिल से शुक्रिया कि उन्होंने इसे मान्यता दी। हम सभी बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। हम भावुक भी हैं, हमारी आँखों में खुशी के आँसू आ रहे हैं।'
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस प्रतिष्ठित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता और मंत्री उपस्थित रहे। यह आयोजन राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक गणतंत्र मंडप में सम्पन्न हुआ, जो इस सम्मान की गरिमा को और बढ़ाता है।
दूसरे चरण की प्रतीक्षा
कुल 131 घोषित विजेताओं में से पहले चरण में 66 को सम्मानित किया जा चुका है। शेष 65 विजेताओं को दूसरे चरण के समारोह में पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। यह द्वि-चरणीय प्रारूप पिछले कुछ वर्षों से पद्म समारोहों की परंपरा बन चुकी है।