धर्मेंद्र का पद्म विभूषण लेकर भावुक हुईं हेमा मालिनी, बोलीं — 'लगा जैसे वे मेरा हाथ थाम मंच तक ले जा रहे थे'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सोमवार, 26 मई को राष्ट्रपति भवन में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत प्रदान किया गया पद्म विभूषण — देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान — उनकी ओर से ग्रहण किया। पुरस्कार समारोह के बाद हेमा मालिनी और उनकी बेटी ईशा देओल दोनों भावुक हो उठीं और इंस्टाग्राम पर अपने मन की बात साझा की।
हेमा मालिनी की भावनाएं
हेमा मालिनी ने इंस्टाग्राम पर राष्ट्रपति भवन की तस्वीरें और वीडियोज़ पोस्ट करते हुए लिखा, 'यह मेरे लिए बेहद भावुक और खुशी का पल था। ऐसा लगा जैसे उस वक्त मेरे पति धर्मेंद्र मेरे साथ मौजूद थे। वे मेरा हाथ पकड़कर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हैं, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान मेरा इंतजार कर रहा था।'
उन्होंने आगे लिखा, 'उस पल मुझे उन पर बहुत गर्व हो रहा था। हमारे साथ बिताए सालों की यादें आंखों के सामने आ गईं — पहले फिल्मों में एक साथ काम करने के दिन और फिर जीवनसाथी के रूप में साथ बिताया सफर। इन खूबसूरत यादों को याद करके मेरी आंखें भर आईं।'
धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि
हेमा मालिनी ने अपने दिवंगत पति की सराहना करते हुए लिखा, 'धर्मेंद्र जी एक स्नेह करने वाले पति, शानदार पिता, अच्छे दोस्त, सच्चे मार्गदर्शक और समझदार इंसान थे। इससे भी ज्यादा वे बेहद उदार और नेक दिल इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।'
उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन करते हुए लिखा, 'मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अच्छा जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं जीवनभर अपने दिल में संजोकर रखूंगी।'
ईशा देओल का दर्द और गर्व
ईशा देओल ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'यह हमारे लिए बेहद गर्व और भावुक कर देने वाला पल था। हम सब दिल से यही चाहते थे कि पापा आज हमारे बीच होते। वह हमेशा की तरह सफेद शर्ट और नीले सूट में बहुत हैंडसम लगते और एक छोटे बच्चे जैसी मासूम खुशी के साथ यह बड़ा सम्मान लेने जाते।'
ईशा ने बताया कि समारोह में उनकी सबसे छोटी बहन अहाना भी हेमा मालिनी के साथ मौजूद थीं। धर्मेंद्र को सम्मानित होते देख अहाना की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने तालियां बजाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
ईशा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'वह हमारे लिए एक ऐसे इंसान हैं, जिन्हें हम बेहद प्यार, बहुत याद करते हैं और गर्व से अपना पापा कहते हैं। वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।'
पद्म विभूषण का महत्व
पद्म विभूषण भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। धर्मेंद्र को यह सम्मान मरणोपरांत मिलना उनके पाँच दशकों से अधिक के फिल्मी करियर और भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान की स्वीकृति है। गौरतलब है कि वे हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हो गए हैं जिन्हें राष्ट्र ने इस सर्वोच्च स्तर पर सम्मानित किया है।
यह पुरस्कार समारोह उनके परिवार के लिए एक साथ गर्व और विछोह का पल बनकर आया — एक ऐसा क्षण जिसने लाखों प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया।