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धार्मिक पहचान छिपाकर शादी का झांसा, फिर ब्लैकमेलिंग — इटावा युवती ने पलामू में दर्ज कराई शिकायत

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धार्मिक पहचान छिपाकर शादी का झांसा, फिर ब्लैकमेलिंग — इटावा युवती ने पलामू में दर्ज कराई शिकायत

सारांश

इटावा की एक युवती ने पलामू के एक युवक पर फर्जी पहचान से प्यार का नाटक करने, शोषण करने और आपत्तिजनक वीडियो से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। छह किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची पीड़िता की शिकायत पर मोहम्मदगंज पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

इटावा की एक युवती ने पलामू के कररिया गांव निवासी युवक पर धार्मिक पहचान छिपाकर खुद को राजपूत बताने का आरोप लगाया।
आरोप है कि युवक ने इंस्टाग्राम पर करीब दो वर्ष पहले संपर्क किया और शादी का झांसा देकर शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया।
आरोपी ने कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी से ब्लैकमेल किया।
पीड़िता का आरोप है कि गांव पहुंचने पर आरोपी और परिजनों ने मारपीट की, मोबाइल व लैपटॉप छीने और रातभर बाहर रखा।
पीड़िता शुक्रवार सुबह करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर मोहम्मदगंज थाना पहुंची; पुलिस ने जांच शुरू की।

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की एक युवती ने झारखंड के पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि आरोपी ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर खुद को राजपूत समुदाय का बताया, शादी का झांसा देकर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया, और बाद में आपत्तिजनक फोटो व वीडियो के ज़रिए ब्लैकमेल किया। मोहम्मदगंज थाना पुलिस ने 27 जून को शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुई पहचान और शुरू हुआ शोषण

पीड़िता के अनुसार, वह एक निजी ई-कॉमर्स कंपनी में कार्यरत है। करीब दो वर्ष पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पलामू के कररिया गांव निवासी एक युवक से पहचान हुई। युवती का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर फर्जी नाम और गलत धार्मिक पहचान के साथ खुद को पेश किया। इसके बाद उसने प्यार का नाटक करते हुए शादी का भरोसा दिलाया और इस आड़ में शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक शोषण किया।

आपत्तिजनक सामग्री से ब्लैकमेलिंग का आरोप

युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने इस दौरान उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। जब पीड़िता को युवक की वास्तविक पहचान का पता चला और उसने संबंध समाप्त करने की कोशिश की, तो आरोपी ने कथित तौर पर उन फोटो और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देना शुरू कर दिया। यह मामला डिजिटल ब्लैकमेलिंग के उन बढ़ते मामलों की कड़ी है जिनमें सोशल मीडिया के ज़रिए बनाए गए संबंध बाद में उत्पीड़न का ज़रिया बन जाते हैं।

गांव में दुर्व्यवहार और रातभर बाहर रखने का आरोप

पीड़िता के अनुसार, वह गुरुवार शाम आरोपी के गांव उससे अपना मोबाइल, लैपटॉप और आपत्तिजनक सामग्री वापस लेने पहुंची थी। वहां आरोपी और उसके परिजनों ने कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया, मारपीट की और उसे रातभर घर के बाहर रखा। युवती का यह भी आरोप है कि उसका मोबाइल और लैपटॉप छीन लिया गया।

छह किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची पीड़िता

पीड़िता का कहना है कि शुक्रवार सुबह वह वहां से निकलकर करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर मोहम्मदगंज थाना पहुंची और पुलिस से सुरक्षा तथा न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया नहीं

फिलहाल आरोपी पक्ष की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और पुलिस तथ्यों की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस तरह के मामलों में तेज़ डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग की माँग भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलामू ब्लैकमेल मामले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
इटावा की एक युवती ने पलामू के कररिया गांव निवासी युवक पर धार्मिक पहचान छिपाकर खुद को राजपूत बताने, शादी का झांसा देकर शोषण करने और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। आरोपी पक्ष की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पीड़िता ने पुलिस से कब और कैसे संपर्क किया?
पीड़िता शुक्रवार सुबह आरोपी के गांव से करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर मोहम्मदगंज थाना पहुंची और सुरक्षा व न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
मोहम्मदगंज थाना पुलिस ने युवती की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी और पीड़िता की पहचान कैसे हुई थी?
युवती के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी से संपर्क हुआ था। आरोप है कि आरोपी ने फर्जी नाम और गलत धार्मिक-सामाजिक पहचान के साथ खुद को पेश किया।
क्या आरोपी पक्ष ने कोई बयान दिया है?
अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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